Friday, July 19, 2024
Homeविविध विषयअन्यअगर राजनीति में आया तो मेरी पत्नी मुझे छोड़ देगी: रघुराम राजन

अगर राजनीति में आया तो मेरी पत्नी मुझे छोड़ देगी: रघुराम राजन

रघुराम राजन की पुस्तक ‘द थर्ड पिलर’ के विमोचन के दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वो राजनीति में अपनी भूमिका के लिए भारत वापस आएँगे, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उनसे कहा है कि अगर वो राजनीति में गए तो वो उनके साथ नहीं रहेंगी।

डर की सच्ची तस्वीरें आमतौर पर फ़िल्मों या टीवी सीरियल्स में देखने को मिलती हैं, लेकिन एक डर बीवी का भी होता है, इसकी सच्ची तस्वीर RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मज़ाकिया लहज़े में दिखाई।

दरअसल, रघुराम राजन की पुस्तक ‘द थर्ड पिलर’ के विमोचन के दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वो राजनीति में अपनी भूमिका के लिए भारत वापस आएँगे, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उनसे कहा है कि अगर वो राजनीति में गए तो वो उनके साथ नहीं रहेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो जहाँ हैं वहीं ख़ुश हैं, लेकिन अगर उन्हें कोई योग्य ऑफ़र मिला तो वो उस पर विचार करेंगे।

उनके इन शब्दों पर सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने चुटकी ली। एक यूज़र ने लिखा, “सर आप पहले से ही राजनीति में हैं, लेकिन आप इसे एक अलग तरीके से सार्वजनिक करते हैं।”

एक यूज़र ने तो अपनी प्रतिक्रिया में रघुराम राजन को ‘कांग्रेसी राजन’ तक लिख दिया।

एक अन्य यूज़र ने ट्वीट किया कि, या तो आपको राजनीतिक बयान देना बंद कर देना चाहिए या इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार लेना चाहिए।

भले ही यह बात रघुराम राजन ने एक मज़ाकिया लहज़े में कही, लेकिन इस बात से यह तो स्पष्ट हो गया कि वो फ़िलहाल तो राजनीति में अपने क़दम नहीं रखने वाले हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थी कि वो महागठबंधन (तृणमूल कॉन्ग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा, सपा और तेलुगु देशम पार्टी) के जीतने की स्थिति में वित्त मंत्री का पदभार संभाल सकते हैं।

बता दें कि कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने NYAY स्कीम लॉन्च करने के बाद कहा था कि रघुराम राजन को विश्व के टॉप अर्थशास्त्रियों में से एक बताया था और कहा था कि उनकी पार्टी ने न्यूनतम आय योजना तैयार करते समय उन्हीं की सलाह ली थी।

ग़ौरतलब है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने देश की जनता को बरगलाने के लिए एक ऐसा पासा फेंका था जिसमें यह वादा किया गया कि यदि केंद्र में उनकी सरकार आएगी तो 5 करोड़ ग़रीब परिवारों को सालाना 72,000 रुपए दिए जाएँगे, यानी 6 हज़ार रुपए प्रतिमाह। इस राशि को गृहणी के खाते में सीधे ट्रांसफर करने की बात भी कही गई।

फ़िलहाल, रघुराम राजन शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ़ बिज़नेस में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। RBI के 23वें गवर्नर के रूप में रघुराम राजन का कार्यकाल सितंबर 2013 से सितंबर 2016 तक था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ सब हैं भोले के भक्त, बोल बम की सेवा जहाँ सबका धर्म… वहाँ अस्पृश्यता की राजनीति मत ठूँसिए नकवी साब!

मुख्तार अब्बास नकवी ने लिखा कि आस्था का सम्मान होना ही चाहिए,पर अस्पृश्यता का संरक्षण नहीं होना चाहिए।

अजमेर दरगाह के सामने ‘सर तन से जुदा’ मामले की जाँच में लापरवाही! कई खामियाँ आईं सामने: कॉन्ग्रेस सरकार ने कराई थी जाँच, खादिम...

सर तन से जुदा नारे लगाने के मामले में अजमेर दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती की जाँच में लापरवाही को लेकर कोर्ट ने इंगित किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -