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मंगलसूत्र का सेक्स के साथ प्रचार: अल्टीमेटम के बाद सब्यसाची को वापस लेना पड़ा अभियान, बोले- बड़ी दुख की बात है

सोशल मीडिया पर सब्यसाची की ओर से कहा गया, "अभियान का उद्देश्य एक उत्सव के रूप में था और हमें गहरा दुख है कि इसने हमारे समाज के एक वर्ग को आहत किया है। इसलिए सब्यसाची ने इस अभियान को वापस लेने का फैसला किया है।"

फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी ने मंगलसूत्र पर बनाया अपना विवादित विज्ञापन वापस ले लिया है। उन्हें मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसमें कहा गया था कि अगर 24 घंटे में आपत्तिजनक विज्ञापन नहीं हटाया तो सब्यसाची के खिलाफ केस रजिस्टर कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सब्यसाची की कंपनी ने अपने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन वापस लेने की सूचना दी। इसमें कहा गया, “मंगलसूत्र अभियान का उद्देश्य समावेशिता और सशक्तिकरण के बारे में बात करना था। अभियान का उद्देश्य एक उत्सव के रूप में था और हमें गहरा दुख है कि इसने हमारे समाज के एक वर्ग को आहत किया है। इसलिए सब्यसाची ने इस अभियान को वापस लेने का फैसला किया है।”

गौरतलब है कि हाल ही में सब्यसाची ने अपना एक नया ज्वेलरी कलेक्शन लॉन्च किया था। उसके बाद उसके विज्ञापन की कुछ फोटोज इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इन ज्वेलरी के विज्ञापनों में जो मॉडल्स दिखाई दे रही थीं, उन्होंने इंटीमेट/सेक्स सीन्स के साथ फोटोशूट करवाया हुआ था। तस्वीरों में मॉडल्स ने ब्रा के साथ मंगलसूत्र पहना था। फोटो ऐसी थी कि यदि उनके ऊपर सब्यसाची फाइन ज्वेलरी न लिखा होता तो शायद ही किसी को पता चलता कि दिए गए विज्ञापन मंगलसूत्र या ज्वेलरी के हैं।

इस विज्ञापन को देखने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, “मैंने फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी का मंगलसूत्र का विज्ञापन देखा। बेहद आपत्तिजनक है। मन आहत भी हुआ है। आभूषणों में सर्वाधिक महत्व का आभूषण मंगलसूत्र होता है। हम मानते हैं कि मंगलसूत्र का पीला हिस्सा माता पार्वती का प्रतीक है और काला हिस्सा भगवान शिव जी का, इसकी कृपा से महिला और उसके पति की रक्षा होती है। मां पार्वती की कृपा से दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है।” उन्होंने कहा, “मैं पहले भी चेतावनी दे चुका हूँ और ये जो डिजाइनर हैं, सब्यसाची मुखर्जी, इनको व्यक्तिगत रूप से मैं चेतावनी दे रहा हूँ और 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दे रहा हूँ। अगर 24 घंटे में उन्होंने यह आपत्तिजनक एवं अश्लील विज्ञापन नहीं हटाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज होगा। कानूनी कार्रवाई होगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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