Tuesday, July 27, 2021
Homeविविध विषयअन्यTRP स्कैम से लेकर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों तक... ऑपइंडिया की Top 10 ब्रेकिंग...

TRP स्कैम से लेकर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों तक… ऑपइंडिया की Top 10 ब्रेकिंग खबरें

राजनीति और समाज से ले कर न्यायपालिका और मीडिया से जुड़ी कई ऐसी खबरें थीं, जिन्हें ऑपइंडिया ने ब्रेक किया। दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की खबर हो या फिर टीआरपी में हेरफेर का मामला... ऑपइंडिया ने ऐसी तमाम खबरों को ब्रेक कर...

वर्ष 2020 जाने वाला है। इस साल राजनीति और समाज से ले कर न्यायपालिका और मीडिया से जुड़ी कई ऐसी खबरें थीं, जिन्हें ऑपइंडिया ने ब्रेक किया। चाहे वो कोरोना से संबंधित खबर हो या दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की या फिर टीआरपी में हेरफेर की खबर, ऑपइंडिया ने ऐसी तमाम खबरों को ब्रेक किया। आइए साल के अंत में हम एक बार फिर से उन 10 खबरों पर नजर डालते हैं।

1.TRP स्कैम में ‘Republic TV’ का नाम लेने के लिए गवाहों पर दबाव बना रही मुंबई पुलिस

TRP स्कैम का मुद्दा गर्माने के बाद से मुंबई पुलिस की भूमिका लगातार शक के घेरे में है। पहले इस बात का खुलासा हुआ कि मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराधार ही Republic TV का नाम पूरे घोटाले में लिया, जबकि दर्ज शिकायत में समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ का नाम था, और फिर ताजा खुलासे में यह पता चला कि कैसे मुंबई पुलिस अपनी मनमर्जी से गवाह के बयान को तोड़-मरोड़ कर ‘Republic TV’ को इस पूरे घोटाले का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही थी।

‘ऑपइंडिया’ के पास आई एक कॉल रिकॉर्डिंग ने इस बात की पुष्टि की थी कि रिपब्लिक टीवी को फँसाने के लिए मुंबई पुलिस गवाहों पर भी दबाव बना रही थी। जिस गवाह ने यह खुलासा अपने पड़ोसी के सामने किया, उसके घर में एक बार-ओ-मीटर लगाया गया था।

कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार, मुंबई पुलिस उसके घर में रात 3:00-3:30 बजे घुस गई। दोनों के बीच की बातचीत से स्पष्ट था कि मुंबई पुलिस ‘रिपब्लिक टीवी’ के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव बना रही थी, जिसके कारण गवाह अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी डरा हुआ था। 

2. BARC भी पकड़ चुका है व्यूअरशिप में इंडिया टुडे की गड़बड़ी, ₹5 लाख जुर्माना भी लगाया था

‘TRP स्कैम’ मामले में 9 अक्टूबर, 2020 को एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया, जब मुंबई पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में फर्जी टीआरपी का इल्जाम रिपब्लिक टीवी पर लगाया और FIR में नाम इंडिया टुडे का निकल आया। इसके बाद रिपब्लिक टीवी के पत्रकार व एक मुख्य गवाह के बीच बातचीत में भी यह खुलासा हुआ था कि उस गवाह के बेटे को इंडिया टुडे देखने को कहा गया था ताकि अवैध रूप से इंडिया टुडे की TRP बढ़ सके।

इंडिया टुडे ने इस बीच खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के आधार पर रिपब्लिक टीवी और अर्णब गोस्वामी पर खूब वार किया। हालाँकि ये बात और थी कि वह खुद का बेवकूफ ही बनाते रहे। उन्होंने उन गवाहों के बयानों को झूठा कहा और तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिन्होंने यह खुलासा किया था कि इंडिया टुडे ने खुद को सही साबित करने के लिए सारा ठीकरा रिपब्लिक टीवी पर फोड़ा।

हमारे सूत्रों ने हमें जानकारी दी कि इंडिया टुडे को 5 लाख रुपए का फाइन भरने को कहा गया था, क्योंकि उन्होंने अपनी व्यूअरशिप बढ़ने के पीछे जो स्पष्टीकरण BARC Disciplinary Council (BDC) को सौंपा, वह उन्हें संतोषजनक नहीं लगा। व्यूअरशिप में नजर आ रही गड़बड़ी (malpractice) के संबंध में टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और BARC को 27 अप्रैल 2020 को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था।

3. सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को दी जमानत, कहा – ‘मुंबई पुलिस तुरंत माने आदेश’

ऑपइंडिया ने अर्णब गोस्वामी को बेल मिलने की खबर को ब्रेक किया। जमानत आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इसे मानने के लिए मुंबई पुलिस को निर्देशित किया। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था-  “हम मानते हैं कि जमानत नहीं देने में हाईकोर्ट गलत था।” इसके साथ ही अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपितों को 50,000 रुपए के बॉन्ड पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था कि आदेश का तुरंत पालन किया जाए।

4. ये भारत के लोगों की जीत है: ‘भारत माता की जय’ ‘वंदेमातरम’ के नारों के साथ लौट आए अर्णब

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी ने जेल से बाहर आते ही ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। उन्होंने पूरे जोश के साथ कहा, “मैं सुप्रीम का आभारी हूँ। ये भारत के लोगों की जीत है।”

भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को तत्काल रिहा करने के आदेश के बाद, उनके समर्थक और प्रशंसक उनकी रिहाई का जश्न मनाने के लिए देश भर में सड़कों पर उतर आए।

5. दिल्ली दंगों की प्लानिंग का वॉट्सऐप चैट, OpIndia के हाथ आए एक्सक्लुसिव सबूत से समझिए क्या हुआ 24 फरवरी को

फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान भी ऑपइंडिया ने कई एक्सक्लूसिव जानकारी दी। दिल्ली में हुआ हिंदू विरोधी दंगा स्वतःस्फूर्त नहीं था। इसके लिए साजिश रची गई थी। यह साजिश रची गई थी सड़क पर, घरों में हुए मीटिंग में और डिजिटल मीडियम में भी। ऑपइंडिया को इन दंगों की प्लानिंग को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप का एक चैट सबूत कै तौर पर हाथ लगा था।

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त इन दो वॉट्सऐप चैट को देख कर यह स्पष्ट था कि दंगों की प्लानिंग की गई थी। स्पष्ट यह भी था कि इसी ग्रुप में कुछ लोग हिंसा और दंगों की प्लानिंग को लेकर नाराज थे और लोगों को समझाने की कोशिश भी कर रहे थे।

6. ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे… 16 हिन्दुओं के नाम FIR में

ऑपइंडिया ने दिल्ली दंगों में एक और एक्सक्लूसिव जानकारी देते हुए बताया था कि साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे। दिल्ली के हिन्दू-विरोधी दंगों में मोहनपुरी इलाके में 25 फरवरी 2020 को एक लाश मिली। लाश की पहचान परवेज आलम के रूप में हुई। 26 फरवरी को एक FIR लिखी गई कि ASI राकेश को फोन के जरिए सूचना मिली कि जीटीबी अस्पताल में एक परवेज नाम का व्यक्ति है, जिसका पता मालूम नहीं, उसे किसी नितेश ने अस्पताल लाया, जहाँ वो ‘मृत अवस्था में लाया गया’ घोषित कर दिया गया।

जाफराबाद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में परवेज की जेब से 13 जिंदा कारतूस (गोलियाँ), एक नोकिया फोन और चाभियों का एक गुच्छा बरामद होने की बात कही गई। इसके बाद यह लिखा गया कि इस व्यक्ति को घोंडा चौक से बाबू राम चौक की तरफ जाने वाली सड़क से घायल अवस्था में अस्पताल में दाखिल कराया गया। नितेश की खोज की गई तो वो मिला नहीं, न ही उसके द्वारा लिखवाया गया पता सही पाया गया। ऑपइंडिया ने जब उस इलाके में पूछताछ की तो उक्त पते पर कोई नितेश नहीं मिला। यही बात सबसे पहली प्राथमिकी में ASI राकेश ने भी लिखा था।

7. MP बदरुद्दीन के बाल गृहों में अलकायदा की फंडिंग, 302 बच्चे गायब, बच्चियों के कमरे में पुरुष कर्मचारी: NCPCR रिपोर्ट

ऑपइंडिया ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की रिपोर्ट के हवाले से खुलासा किया कि असम और मणिपुर में बदरुद्दीन अजमल के मरकाजुल मारीफ के द्वारा संचालित 6 बाल संरक्षण गृहों में फंड्स का गलत इस्तेमाल किया गया। इनमें से एक बाल संरक्षण गृह को तो उस NGO से फंड्स मिले, जिसकी वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा से लिंक्स की जाँच की जा रही है। शुक्रवार (दिसंबर 25, 2020) को NCPCR ने कहा था कि उसकी इंस्पेक्शन टीम को बताया गया कि इन 6 बाल संरक्षण गृह में 778 बच्चे रह रहे हैं।

लोकसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध उनके बायो में बताया गया कि इनमें 1010 बच्चे रह रहे हैं। मरकाजुल मारीफ की वेबसाइट पर इनमें 1080 बच्चों के होने की बात बताई गई। इस तरह से संस्था द्वारा दी गई जानकारी और अन्य आँकड़े अलग-अलग थे। NCPCR का कहना था कि बाकी के 300 बच्चों के बारे में पता करना आवश्यक है।

8. मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी

शेहला रशीद के पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्हें उनकी बेटी मौत की धमकी दे रही है। उन्होंने शेहला के खिलाफ जाँच की माँग की थी। उनका कहना था कि शेहला ‘कुख्यात गतिविधियों’ में शामिल है और उनके घर में राष्ट्र विरोधी गतिविधियाँ चल रही हैं। उन्होंने शेहला की ‘कुख्यात गतिविधियों’ को उजागर करते हुए उसके बैंक अकाउंट की जाँच की माँग की थी। 

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी को लिखे पत्र में अब्दुल रशीद शोरा ने दावा किया था कि शेहला ने कश्मीर केंद्रित राजनीति में शामिल होने के लिए ‘कुख्यात लोगों’ से 3 करोड़ रुपए नकद लिए हैं। उन्होंने माँग की थी कि फिरोज पीरजादा, जहूर वटाली (एनआईए द्वारा गिरफ्तार) और रशीद इंजीनियर के बीच के ‘रहस्यमय वित्तीय डील’ की जाँच की जाए।

9. बेंगलुरु में दंगे करवाने वाले आरोपित कॉन्ग्रेसी नेता संपत राज को जिसने कराया फरार, वो रियाजुद्दीन गिरफ्तार

बेंगलुरु दंगे मामले में आरोपित फ़रार कॉन्ग्रेस नेता संपत राज के नज़दीकी सहयोगी रियाजुद्दीन को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया। रियाजुद्दीन पर आरोप था कि उसने मुख्य आरोपित को छुपने और फरार होने में मदद की। रियाजुद्दीन खुद फरार चल रहा था। उसे कॉन्ग्रेस नेता संपत राज की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह संपत राज को नगरहोले स्थित एक फ़ार्महाउस लेकर गया था और उसने आगामी कुछ दिनों तक संपत राज को वहीं छुपाया था।

10. अमित शाह को हुआ कोरोना, रिपोर्ट आई पॉजिटिव – अस्पताल में भर्ती

देश के गृहमंत्री अमित शाह की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ऑपइंडिया ने खबर ब्रेक करते हुए बताया कि कोरोना के शुरुआती लक्ष्ण दिखने पर उन्होंने टेस्ट करवाया और यह रिजल्ट पॉजिटिव आया है। अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

अमित शाह ने कोरोना के बारे में जानकारी देते हुए बताया था, “मेरी तबीयत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूँ। मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएँ।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,363FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe