Friday, July 1, 2022
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‘साड़ी स्मार्ट ड्रेस नहीं’- दिल्ली के अकीला रेस्टोरेंट ने महिला को रोका: ‘ओछी मानसिकता’ पर भड़के लोग, वीडियो वायरल

अनीता चौधरी इस घटना के बाद कहती हैं कि आज के समय में विदेशी सोच का कब्जा होने लगा है। उन्हें छोटी स्कर्ट से समस्या नहीं है। लेकिन वो भी अपनी साड़ी से प्यार करती हैं और उन्हें बताया जाए कि स्मार्ट आउटफिट कौन से होते हैं।

भारतीय परिधानों को पिछड़ा बताने का काम अब रेस्टोरेंट वालों ने भी खुलेआम शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है जो कि अंसल प्लाजा के अकीला रेस्टोरेंट की है। वहाँ का स्टाफ एक महिला पत्रकार अनीता चौधरी से कह रहा है कि साड़ी चूँकि स्मार्ट आउटफिट नहीं है इसलिए वो उसे पहनने वालों को अपने यहाँ अनुमति नहीं देते।

इस वीडियो को अनीता चौधरी ने शेयर किया है। अब इसे कई मीडिया पोर्टल्स पर कवरेज मिल रही है। लोग ऐसी ओछी मानसिकता की आलोचना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार अनीता अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने 19 सितंबर को दिल्ली के अकीला रेस्टोरेंट में गई थीं लेकिन उन्हें साड़ी में देख एंट्री देने से मना कर दिया। वीडियो में नजर आ रहे कर्मचारियों ने पहले परिधानों पर बात की और फिर उनकी बेटी की उम्र कम बताकर उन्हें रोकने लगे।

इस घटना के संबंध में अनीता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। अनीता ने पूछा कि उन्हें बताया जाए कि अगर साड़ी मॉर्डन या स्मार्ट आउटफिट नहीं है तो फिर कौन सी ड्रेस को पहनना ‘स्मार्ट आउटफिट’ कहलाएगा।

वह कहती हैं कि आज के समय में विदेशी सोच का कब्जा हो रहा है। वो छोटी स्कर्ट की बात उठाती हैं और इसे गलत न बताते हुए कहती हैं उन्हें किसी कपड़े से गुरेज नहीं है। वो भी मानती हैं कि लड़कियाँ किसी भी तरह के परिधान को पहन सकती हैं। उसी तरह वो भी अपनी साड़ी को प्यार करती हैं और उन्हें साड़ी पहनना अच्छा लगता है। इसलिए अगर भारत में साड़ी को स्मार्ट आउटफिट नहीं माना जाता है तो उन्हें बताया जाए कि वो कौन से कपड़े हैं जिन्हें स्मार्ट आउटफिट माना जाता है और जिन्हें वो पहन सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते साल मार्च 2020 में भी दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में ऐसा मामला सामने आया था। उस समय वसंत कुंज के Kylin and Ivy रेस्टोरेंट में महिला को साड़ी के कारण से एंट्री नहीं दी गई थी। महिला गुरुग्राम के प्राइवेट स्कूल की प्रिंसपल संगीता नाग थीं। जिनसे रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने कहा था, “यहाँ पारंपरिक परिधान में आने वालों को एंट्री नहीं दी जाती।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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