Homeविविध विषयविज्ञान और प्रौद्योगिकीप्रधानमंत्री प्रेरणा के स्रोत, चंद्रयान-2 पर उम्मीदें अभी कायम: इसरो प्रमुख सिवन

प्रधानमंत्री प्रेरणा के स्रोत, चंद्रयान-2 पर उम्मीदें अभी कायम: इसरो प्रमुख सिवन

दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा कि मोदी के भाषण के अंश "विज्ञान में नतीजे नहीं देखने चाहिए, बल्कि प्रयोग देखने चाहिए और प्रयोग से नतीजे निकलते हैं" को उन्होंने विशेष तौर पर नोट किया था।

चंद्रयान-2 मिशन को 3,84,000 किलोमीटर की यात्रा में चाँद की सतह से महज़ दो किलोमीटर पहले तक ले जाने वाले इसरो प्रमुख के. सिवन ने दूरदर्शन को दिए साक्षात्कार में कहा है कि वे प्रधानमंत्री मोदी को उनकी संस्था के लिए प्रेरणा और समर्थन का स्रोत मानते हैं। उन्होंने मिशन के आखिरी कदम पर गड़बड़ा जाने पर प्रधानमंत्री मोदी की हौसलाअफ़ज़ाई को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण ने उन्हें उत्साह दिया। उन्होंने मोदी के “विज्ञान में नतीजे नहीं प्रयोग देखते हैं” की विशेष तारीफ की।

सात साल तक चल सकता है ऑर्बिटर

सिवन ने बताया कि हालाँकि ऑर्बिटर का तय जीवनकाल महज़ एक साल का है, लेकिन उसमें काफी अतिरिक्त ईंधन मौजूद है। इसके चलते ऑर्बिटर लगभग 7-7.5 साल तक चन्द्रमा की परिक्रमा कर सकता है। उन्होंने कहा कि विक्रम लैंडर से फ़िलहाल सम्पर्क टूटा हुआ है। फिर भी उम्मीदें कायम हैं। अगले 14 दिनों में सम्पर्क फिर से स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे।

दोपहर में भी किया था ट्वीट

इसरो प्रमुख ने इसके पहले उन्हें गले लगाने वाले मोदी के वीडियो को दोपहर में भी ट्वीट किया था। उस समय उन्होंने लिखा था कि वे यह पल कभी नहीं भूलेंगे। दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा कि मोदी के भाषण के अंश “विज्ञान में नतीजे नहीं देखने चाहिए, बल्कि प्रयोग देखने चाहिए और प्रयोग से नतीजे निकलते हैं” को उन्होंने विशेष तौर पर नोट किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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