Homeविविध विषयविज्ञान और प्रौद्योगिकीफिर एक हुआ Microsoft Windows और सरफेस, IIT मद्रास से पढ़े पवन दावुलुरी को...

फिर एक हुआ Microsoft Windows और सरफेस, IIT मद्रास से पढ़े पवन दावुलुरी को मिली कमान: राजेश झा को करेंगे रिपोर्ट

पवन दावुलुरी अब वैश्विक कंपनियों में लीडरशिप के उस ग्रुप में शामिल हो गए हैं, जिसमें गिने-चुने भारतीय अमेरिकी कंपनी में लीडरशिप के रोल में हैं। इसमें सत्या नडेला और सुंदर पिचाई जैसे नाम शामिल हैं।

भारतीय मूल के अमेरिकी पवन दावुलुरी को मल्टीनेशनल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईआईटी मद्रास से पढ़े पवन दावुलुरी को माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और सरफेस (Windows & Surface) का हेड बनाया गया है। ये जिम्मेदारी पहले पानोस पनय संभाल रहे थे, लेकिन उन्होंने अमेजन में शामिल होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट की सारी जिम्मेदारियाँ छोड़ दी थी। ऐसे में अब पवन के पास विंडोज और सरफेस दोनों की ही जिम्मेदारी आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब वो राजेश झा को रिपोर्ट करेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट में विंडोज और सरफेस ग्रुप्स को अलग-अलग रखा गया था, लेकिन अब उन्हें फिर से एक कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पवन दावुलुरी 23 साल से माइक्रोसॉफ्ट में काम कर रहे हैं। उन्होंने मद्रास आईआईटी से पढ़ाई की है। उन्होंने बी.टेक के बाद अमेरिका की मेरीलैंड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की औऱ तभी से माइक्रोसॉफ्ट के साथ जुड़ गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पवन दावुलुरी राजेश झा को रिपोर्ट करेंगे। राजेश झा माइक्रोसॉफ्ट के एक्सपीरियंस एंड डिवाइसेस के हेड हैं। पवन दावुलुरी की नियुक्ति के बारे में राजेश झा के इंटरनल मेल से ही पता चला था। उन्होंने ही माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों को भेजे इंटरनल मेल में इस बात की जानकारी दी थी कि अब विंडोज-सरफेज डिवीजन के हेड पवन दावुलुरी होंगे। विंडोज टीम एआई, सिलिकॉन और माइक्रोसॉफ्ट एआई टीम के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी।

पवन दावुलुरी अब वैश्विक कंपनियों में लीडरशिप के उस ग्रुप में शामिल हो गए हैं, जिसमें गिने-चुने भारतीय अमेरिकी कंपनी में लीडरशिप के रोल में हैं। इसमें सत्या नडेला और सुंदर पिचाई जैसे नाम शामिल हैं। पवन को माइक्रोसॉफ्ट के विंडो और सरफेस में हेड बनने के बाद कितनी सैलरी मिलेगी अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर महेश पंचाग्नुला ने ईटी से बातचीत में कहा, “हमें पवन जैसे पूर्व छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों में नेतृत्व के पदों पर काम करते हुए देखकर खुशी हो रही है, जो हमारे दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह देखना सौभाग्य की बात है कि जो छात्र यहाँ से निकले हैं, वो वैश्विक कंपनियों में लीडरशिप पोस्ट पर हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोहम्मद अहद से लेकर सद्दाम तक: बिहार में एक्टिव आतंकवाद का ‘स्लीपर सेल’ क्या बताता है?

कटिहार के मोहम्मद अहद की गिरफ्तारी के बाद जानिए बिहार में पहले सामने आए स्लीपर सेल, पाकिस्तान कनेक्शन, आतंकी मॉड्यूल और PFI से जुड़े मामले।

लाहौर में 79 साल बाद खुला ऐतिहासिक गुरुद्वारा, दिखावे के बीच पाकिस्तान में जमीनी हकीकत जस की तस: समझें ये विरासत संरक्षण के नाम...

पाकिस्तान के सरकारी और नेताओं के ऑफिसों में भगत सिंह की कितनी तस्वीरें हैं? पाकिस्तानी मदरसों और स्कूली सिलेबस से भगत सिंह क्यों गायब हैं?
- विज्ञापन -