Sunday, April 14, 2024
Homeविविध विषयअन्यRTI: अपनी ही याचिका पर ख़ुद ही सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, अजीब मुक़दमा!

RTI: अपनी ही याचिका पर ख़ुद ही सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, अजीब मुक़दमा!

सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा मामला आया है जिसमें माननीय उच्चतम न्यायलय स्वयं याची है, और यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायलय द्वारा दिए गए एक निर्णय के विरुद्ध है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के एक निर्णय के विरुद्ध अपनी याचिका को सुनवाई हेतु सूचीबद्ध किया है। 27 मार्च को सर्वोच्च न्यायलय की संविधान बेंच के समक्ष प्रस्तुत होने वाले मामलों की फेहरिस्त में एक ऐसा भी मामला आया है जिसमें माननीय उच्चतम न्यायलय स्वयं याची है, और यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायलय द्वारा दिए गए एक निर्णय के विरुद्ध है। मामला सुप्रीम कोर्ट और सीजेआइ के सूचना के अधिकार के अंतर्गत आने या ना आने का है।

क्या है मामला

जनवरी, 2010 में दिए गए 88 पन्नों के अपने निर्णय में तीन जजों की दिल्ली हाई कोर्ट बेंच ने एकल बेंच के एक निर्णय को बरकरार रखा गया था। उक्त निर्णय में दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच इस निष्कर्ष पर पहुँची थी कि सुप्रीम कोर्ट व सीजेआइ को याचिकाकर्ता सुभाष चन्द्र अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली व प्रशासन को लेकर माँगी गई सूचना उपलब्ध करानी होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट की तीन जजों- चीफ़ जस्टिस एपी शाह, जस्टिस विक्रमजीत सेन, व जस्टिस एस मुरलीधर की बेंच ने सिंगल बेंच के उस निर्णय को बरकरार रखा था जिसमें उसने केन्द्रीय सूचना आयोग के निर्देश के खिलाफ़ आपत्ति जताती याचिका को खारिज कर दिया था।

2010 में दायर इस याचिका को 2016 में संविधान बेंच को भेजे जाने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट की तीन-सदस्यीय पीठ ने किया था। संयोग से आज के सीजेआइ रंजन गोगोई उस समय उस तीन-सदस्यीय पीठ के भी अध्यक्ष थे।

सवालों की फेहरिस्त  

उपरोक्त निर्णय के अलावा संविधान बेंच को निम्नलिखित विषयों पर निर्णय लेना है:

  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सिद्धांत के लिए क्या माँगी गई सूचना को दिए जाने से रोकना आवश्यक है? क्या इस सूचना का माँगा जाना न्यायपालिका में हस्तक्षेप कहा जा सकता है?

  • क्या माँगी गई सूचना को इस आधार पर रोका जा सकता है कि इससे न्यायपालिका के निर्णयों में भरोसे की कमी आएगी, व संवैधानिक पधाधिकारियों के मुक्त और स्पष्ट राय देने में कठिनाई होगी, जबकि यह प्रभावी मंत्रणा और सही निर्णय लिए जाने के लिए परमावश्यक है?

  • क्या माँगी गई सूचना, सूचना के अधिकार कानून के Section 8(i)(j) के अंतर्गत दिए गए अपवादों में शामिल है?
Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फ्री राशन, जीरो बिजली बिल और 3 करोड़ लखपति दीदी: BJP का संकल्प पत्र जारी, 30 मुद्दों पर मिली ‘मोदी की गारंटी’, UCC भी...

भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपना संकल्प पत्र 'मोदी की गारंटी' के नाम से जारी किया है। इसमें कई विषयों पर फोकस किया गया है।

ईरान ने ड्रोन-मिसाइल से इजरायल पर किए हमले: भारत आ रहे यहूदी अरबपति के मालवाहक जहाज को भी कब्जे में लिया, 17 भारतीय हैं...

ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल से हवाई हमले किए हैं। इससे पहले एक मालवाहक जहाज को जब्त किया था, जिस पर 17 भारतीय सवार थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe