हनीट्रैप: जवान ने फेसबुक पर शेयर की खुफिया जानकारी, गिरफ्तार

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई महिला को जवान ने आर्मी यूनिट और हथियारों की लोकेशन भेजी। अमृतसर से अरुणाचल प्रदेश में हो रहे अपने ट्रांसफर की जानकारी दी।

सेना की खुफिया और संवेदनशील जानकारी एक विदेशी महिला के साथ साझा करने के आरोप में भारतीय सेना के एक जवान को गिरफ्तार किया गया है। 21 वर्षीय जवान रविंद्र कुमार के पास से 7 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड मिले हैं। बताया जाता है कि बीते दो साल से वह एक विदेशी महिला से गुप्त सूचनाएँ साझा कर रहा था।

रिपोर्टों के मुताबिक, सोशल मीडिया से रविंद्र विदेशी महिला के संपर्क में आया था। आरोप है कि सूचना देने के एवज में महिला ने रविंद्र के खाते में 5,000 रुपए भी डलवाए थे। फेसबुक पर महिला के साथ चैट करते समय रविंद्र ने सैन्य हथियारों की तस्वीरें साझा की थी। पुलिस उसे 2 दिन की रिमांड पर लेकर जाँच कर रही है।

हरियाणा के नारनौल के एसपी चंदर मोहन ने बताया कि आरोपित जवान महेंद्रगढ़ जिले के बसई गाँव का रहने वाला है। उसकी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में है और वह 10 जुलाई को 5 दिनों की छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। उसे 10 जुलाई को नारनौल रेलवे स्टेशन के पास एक ढाबे पर चाय पीते वक़्त पकड़ा गया। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को उसे लोकल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

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रविंद्र की नियुक्ति साल 2017 में 5 कुमाऊँ रेजीमेंट में हुई थी। उसकी पोस्टिंग 2018 में अमृतसर में हुई। इस दौरान वह विदेशी महिला के संपर्क में आया। नारनौल पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यादव महिला से फेसबुक पर चैट करने लगा और कुछ दिन बाद उसने महिला को बताया कि वह सेना में काम करता है। इसके बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बात होने लगी। इस दौरान जवान ने महिला को आर्मी यूनिट और हथियारों की लोकेशन भेजी। इसके अलावा उसने महिला को अमृतसर से अरुणाचल प्रदेश में हो रहे अपने ट्रांसफर की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि रविंद्र व्हाट्सएप के लिए कई नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। अभी तक महिला और उसकी राष्ट्रीयता की पहचान का पता नहीं चल पाया है। महिला के पाकिस्तानी होने की आशंका जताई जा रही है। रविंद्र के फेसबुक रिकॉर्ड के अनुसार, वह अनिका नाम की महिला के संपर्क में आया था। अनिका ने रविंद्र के सामने खुद को कैप्टन अनु बताया। उस महिला ने कभी भी रविंद्र का फोन कॉल कभी नहीं उठया। वह हमेशा उसे केवल व्हाट्सएप के जरिए कॉल करती थी।

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