J&K: लश्कर आतंकी दानिश अहमद चन्ना गिरफ्तार, बाजारों में ग्रेड अटैक का था जिम्मा

पुलिस के मुताबिक चन्ना को भीड़-भाड़ वाले बाजार और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर ग्रेनेड अटैक की जिम्मेदारी दी गई थी। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सोपोर पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोचा। उससे पूछताछ की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान सोपोर निवासी दानिश अहमद चन्ना के रूप में की गई है। पुलिस ने शनिवार (नवंबर 2, 2019) को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आतंकी दानिश अहमद चन्ना को शुक्रवार (नवंबर 1, 2019) रात को सोपोर इलाके में एक अभियान के दौरान पकड़ा गया। उसके पास से पिस्तौल तथा हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि चन्ना पिछले महीने से लापता था। वह सज्जाद हैदर के नेतृत्व वाले लश्कर गुट के लिए काम करता था। यह गुट मजदूरों की हत्या सहित कई आतंकी वारदातों में संलिप्त रहा है। सोपोर में गोलीबारी कर एक फल कारोबारी के परिवार के चार सदस्यों को जख्मी कर देने की घटना में इसी गुट का हाथ था।

पुलिस के मुताबिक चन्ना को भीड़-भाड़ वाले बाजार और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर ग्रेनेड अटैक की जिम्मेदारी दी गई थी। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सोपोर पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोचा। उससे पूछताछ की
पुलिस के मुताबिक चन्ना को भीड़-भाड़ वाले बाजार और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर ग्रेनेड अटैक की जिम्मेदारी दी गई थी। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सोपोर पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोचा। उससे पूछताछ की जा रही है। जा रही है।

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इससे पहले गुरुवार (नवंबर 1, 2019) को बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया था। वहीं अगस्त में पुलिस ने बारामूला के मोहम्मद इकबाल नाइकू को गिरफ्तार किया था। वह जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था।

31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया है और वहाँ की जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। इससे बौखलाए आतंकी कायराना हरकत को अंजाम दे रहे हैं। आतंकियों ने शोपियां में एक सरकारी स्कूल में आग लगा दी थी जिसमें शनिवार (नवंबर 2, 2019) को बोर्ड की परीक्षा होनी थी। वहीं, मंगलवार (अक्टूबर 29, 2019) को आतंकियों ने 5 गैर कश्मीरी मजदूरों की हत्या कर दी थी।

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