Sunday, July 21, 2024
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6 साल में 183 ढेर, 10933 एनकाउंटर: योगी राज में UP पुलिस ने मिट्टी में मिलाए कई माफिया, मेरठ जोन में मारे गए सबसे ज्यादा क्रिमिनल

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार साल 2017 में बनी थी। मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम शुरू किया गया। इसके तहत अलग-अलग तरीकों से अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है।

जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके शूटर गुलाम को यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल को 2023 को एक एनकाउंटर में मार गिराया। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक 183 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस सरकार के 6 साल में 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं। असद-गुलाम एनकाउंटर के बाद मीडिया से बात करते यूपी के स्पेशल एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार और स्पेशल टास्क फोर्स के एडीजी अमिताभ यश ने यह जानकारी दी।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार साल 2017 में बनी थी। मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम शुरू किया गया। इसके तहत अलग-अलग तरीकों से अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। मार्च 2017 से लेकर 14 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 10,933 मुठभेड़ हो चुके हैं। इन मुठभेड़ों में 183 अपराधी मार गिराए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान जख्मी होने के बाद 5046 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के बाद कुल मिलाकर 23, 348 अपराधी पकड़े गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा मुठभेड़ मेरठ जोन में हुआ है। पिछले 6 सालों में यहाँ 3205 मुठभेड़ हुए हैं। इनमें 64 अपराधियों को मार गिराया गया है। वहीं 1708 अपराधी घायल हुए हैं। मेरठ जोन में 6 सालों में 1 पुलिसकर्मी बलिदान भी हुआ है, जबकि 401 घायल हुए हैं। पुलिस ने जोन से 5967 अपराधियों को पकड़ा है। मेरठ के बाद आगरा में 1844 एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें 14 अपराधी मारे गए हैं। इस दौरान 4654 अपराधी गिरफ्तार किए गए। आगरा के बाद बरेली में 1497 मुठभेड़ की घटनाएँ हुई हैं। इनमें 7 अपराधी मारे गए हैं और 3410 को गिरफ्तार किया गया है। इस जोन में भी एक पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं।

आँकड़ों के मुताबिक पिछले 6 वर्षों में अपराधियों के खिलाफ इस तरह के अभियानों में कुल 13 पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं। 1443 पुलिस के जवान घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सीएम योगी के पहले कार्यकाल के दूसरे वर्ष यानी 2018 में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए। वहीं सबसे कम एनकाउंटर 2022 में हुए। उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराधियों के खिलाफ की गई सख्ती ही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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