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रेलवे को ₹250 करोड़ का नुकसान: CAA विरोधी प्रदर्शन के नाम पर दर्जनों स्टेशनों को किया तबाह

पश्चिम बंगाल के कई इलाक़ों में जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद से निकली हज़ारों की भीड़ ने न सिर्फ़ रेलवे स्टेशनों को तहस-नहस कर दिया बल्कि ट्रेनों का परिचालन ठप्प कर यात्रियों को घंटों बंधक बनाए रखा। कुर्ता-पायजामा-इस्लामी टोपी पहने लोगों ने पत्थर और रॉड का इस्तेमाल कर के ट्रेनों की खिड़कियाँ तोड़ डाली।

संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण भारतीय रेलवे को भारी नुकसान हुआ है। रेलवे ने कहा है कि उसे इस विरोध प्रदर्शन के कारण 250 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है। बता दें कि पश्चिम बंगाल के कई इलाक़ों में जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद से निकली हज़ारों की भीड़ ने न सिर्फ़ रेलवे स्टेशनों को तहस-नहस कर दिया बल्कि ट्रेनों का परिचालन ठप्प कर यात्रियों को घंटों बंधक बनाए रखा। कुर्ता-पायजामा-इस्लामी टोपी पहने लोगों ने पत्थर और रॉड का इस्तेमाल कर के ट्रेनों की खिड़कियाँ तोड़ डाली। इस दौरान यात्री डरे-सहमे दुबके रहे। रेलवे के कई कर्मियों को टॉयलेट में छिप कर अपनी जान बचानी पड़ी।

ईस्ट रेलवे ने बताया कि उसे अब तक 8 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कई इलाक़ों में ‘रेल रोको अभियान’ और बंद का आयोजन किया गया, जिससे साउथ-ईस्ट रेलवे को 16 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है। ईस्टर्न रेलवे ने बताया है कि उसके 15 स्टेशनों को तबाह कर दिया गया। कई स्टेशनों पर कैश बॉक्स को लूट लिया गया। कुल मिला कर अब तक 250 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है, जिसके और बढ़ने की ही आशंका है। न सिर्फ़ रेलवे बल्कि जामिया में विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली में मेट्रो लाइनों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए।

सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिम बंगाल में हुई। उसी तरह पूर्वोत्तर में भी ऐसे कई विरोध प्रदर्शन हुए। असम में उपद्रवियों के ख़िलाफ़ 136 केस दर्ज किए गए हैं और कुल 190 आरोपितों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जो तरह-तरह के संगठनों से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में कोई भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध नहीं कर रहा था बल्कि वो हिंसा में संलग्न थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 26 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं, 4 लोग मारे गए। पुलिस ने बताया कि उसे सार्वजनिक संपत्ति को बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

उधर जामिया में हिंसा के मामले में मंगलवार (दिसंबर 17, 201) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुलाक़ात कर के उनके समक्ष अपनी बात रखेगा। केरल में भी एक कट्टरपंथी संगठन ने हड़ताल की घोषणा की है, जिसका समर्थन करने से वामपंथी दल व कॉन्ग्रेस बच रही है। सोशल मीडिया पर कई सेलेब्रिटीज ने दिल्ली पुलिस पर हिंसा करने का आरोप लगाया और हिंसा फैलाने वालों के समर्थन में बयान दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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