कॉन्ग्रेस विधायक की गाड़ी ने बाइक को मारी टक्कड़, 3 वर्षीय बच्ची की मौत, माता-पिता अस्पताल में भर्ती

मुलुगु पुलिस ने धारा 304A के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा धारा 337 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। विधायक की गाड़ी को ज़ब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए जाँच की जा रही है।

तेलंगाना से एक बहुत ही दुःखद ख़बर आई है। राज्य के कॉन्ग्रेस विधायक की गाड़ी द्वारा बाइक को टक्कर मारने के कारण न सिर्फ़ एक तीन वर्षीय बच्ची की मृत्यु हो गई बल्कि उसके माता-पिता भी गंभीर रूप में घायल हो गए। ये घटना मुलुगु ज़िले के जीडीवागु इलाक़े की है। कॉन्ग्रेस विधायक दनसरी अनुसूया उर्फ़ सीताक्का की गाड़ी ने एक बाइक को टक्कर मार दी। दोनों ही गाड़ियाँ अपोजिट दिशा से आ रही थी, जिसके बाद उनमें टक्कर हुई। बाइक को के. अरुण नामक व्यक्ति चला रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी विजया और 3 साल की बेटी श्रवंती उनके साथ बाइक पर उपस्थित थे।

बच्ची श्रवंती की सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मृत्य हो गई, वहीं उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल होकर नज़दीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। बच्ची को उसके माता-पिता नज़दीकी आँगनबाड़ी केंद्र में दाखिल कराने जा रहे थे। विधायक ने बाद में डैमेज कण्ट्रोल करने के लिए बच्ची के माता-पिता से मिलकर अफ़सोस ज़ाहिर किया और वित्तीय मदद देने का आश्वासन भी दिया। विधायक ने कहा, “यह एक बहुत ही दुःखद दुर्घटना है, जहाँ एक बच्ची को इसका शिकार बनना पड़ा। दुःख की इस घड़ी में मैं उसके माता-पिता के साथ खड़ी हूँ।

इधर मुलुगु पुलिस ने धारा 304A के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा धारा 337 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, विधायक की गाड़ी को ज़ब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए जाँच की जा रही है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अगस्त 2018 में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जब कन्दुकुर के विधायक पोथुला रामाराव की गाड़ी से टकरा कर 2 लोगों की मौत हो गई थी। ये दुर्घटना विजयवाड़ा एयरपोर्ट के नज़दीक स्थित केसरपल्ली जंक्शन पर हुई थी। विधायक की गाड़ियों द्वारा आंध्र और तेलंगाना में इस तरह की दुर्घटनाओं में तेज़ी आना अच्छा संकेत नहीं है। कुछ महीनों पहले तेलुगु सुपरस्टार जूनियर एनटीआर के पिता और पूर्व मंत्री नंदामुरी हरिकृष्णा की भी एक कार दुर्घटना के दौरान मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना के समय उनकी कार काफ़ी तेज़ गति से जा रही थी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

नयनतारा सहगल जैसे लोग केवल व्यक्ति नहीं हैं, प्रतीक हैं- उस मानव-प्रवृत्ति का, उस ध्यानाकर्षण की लिप्सा और लोलुपता का, जिसके चलते इंसान अपने बूढ़े हो जाने, और अपने विचारों का समय निकल जाने के चलते हाशिए पर पहुँच जाने, अप्रासंगिक हो जाने को स्वीकार नहीं कर पाता।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

अरविन्द केजरीवाल

लड़की पर पब्लिकली हस्तमैथुन कर फरार हुआ आदमी: मुफ्त मेट्रो से सुरक्षा नहीं मिलती

आप शायद 'सुरक्षा' के नाम पर महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा करा सकते हैं, लेकिन आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि महिलाएँ वहाँ सुरक्षित हैं?
आसिया अंद्राबी

‘मैं हवाला के पैसे लेकर J&K में बवाल करवाती थी, उन्हीं पैसों से बेटे को 8 साल से मलेशिया में पढ़ा रही हूँ’

जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी सहित गिरफ्तार अलगाववादी नेताओं ने 2017 के जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आसिया अंद्राबी ने कबूल किया कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेती थी और इसके एवज में...
हिन्दू धर्म और प्रतीकों का अपमान फैशन है क्योंकि कोई कुछ कहता नहीं

Netflix पर आई है ‘लैला’, निशाने पर हैं हिन्दू जिन्हें दिखाया गया है तालिबान की तरह

वो पीढ़ी जिसने जब से होश संभाला है, या राजनैतिक रूप से जागरुक हुए हैं, उन्होंने भारत का इतिहास भी ढंग से नहीं पढ़ा, उनके लिए ऐसे सीरिज़ ही अंतिम सत्य हो जाते हैं। उनके लिए यह विश्वास करना आसान हो जाता है कि अगर इस्लामी आतंक है तो हिन्दू टेरर क्यों नहीं हो सकता।
दि प्रिंट और दीपक कल्लाल

सेक्स ही सेक्स… भाई साहब आप देखते किधर हैं, दि प्रिंट का सेक्सी आर्टिकल इधर है

बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।
जय भीम-जय मीम

जय भीम जय मीम की कहानी 72 साल पुरानी… धोखा, विश्वासघात और पश्चाताप के सिवा कुछ भी नहीं

संसद में ‘जय भीम जय मीम’ का नारा लगा कर ओवैसी ने कोई इतिहास नहीं रचा है। जिस जोगेंद्र नाथ मंडल ने इस तर्ज पर इतिहास रचा था, खुद उनका और उनके प्रयास का हश्र क्या हुआ यह जानना-समझना जरूरी है। जो दलित वोट-बैंक तब पाकिस्तान के हो गए थे, वो आज क्या और कैसे हैं, इस राजनीति को समझने की जरूरत है।
हार्ड कौर, मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ

सस्ती लोकप्रियता के लिए ब्रिटिश गायिका ने मोहन भागवत को कहा ‘आतंकी’, CM योगी को बताया ‘Rape-Man’

"भारत में हुए सारे आतंकी हमलों के लिए मोहन भागवत ही ज़िम्मेदार हैं, चाहे वो 26/11 का मुंबई हमला हो या फिर पुलवामा हमला। इतिहास में महात्मा बुद्ध और महावीर ने ब्राह्मणवादी जातिवाद के ख़िलाफ़ लड़ाइयाँ लड़ी थीं। तुम एक राष्ट्रवादी नहीं हो, एक रेसिस्ट और हत्यारे हो।"
नितीश कुमार

अप्रिय नितीश कुमार, बच्चों का रक्त अपने चेहरे पर मल कर 103 दिन तक घूमिए

हॉस्पिटल का नाम, बीमारी का नाम, जगह का नाम, किसकी गलती है आदि बेकार की बातें हैं, क्योंकि सौ से ज़्यादा बच्चे मर चुके हैं। इतने बच्चे मर कैसे जाते हैं? क्योंकि भारत में जान की क़ीमत नहीं है। हमने कभी किसी सरकारी कर्मचारी या नेता को इन कारणों से हत्या का मुकदमा झेलते नहीं देखा।
औली-उत्तराखंड

200 करोड़ रुपया गुप्ता का, ब्याह गुप्ता के लौंडे का और आपको पड़ी है बदरंग बुग्याळ और पहाड़ों की!

दो सौ से दो हजार तक साल लगते हैं उस परत को बनने में जिस भूरी और बेहद उपजाऊ मिट्टी के ऊपर जन्म लेती है 10 से 12 इंच मोती मखमली घास यानी बुग्याळ! और मात्र 200 करोड़ रुपए लगते हैं इन सभी तथ्यों को नकारकर अपने उपभोक्तावाद के आगे नतमस्तक होकर पूँजीपतियों के समक्ष समर्पण करने में।
पाकिस्तान

ईश-निंदा में फ़ँसे Pak हिन्दू डॉक्टर लटकाए जा सकते हैं सूली पर… लेकिन ‘इनटॉलेरेंस’ भारत में है

जिन्हें अपने देश भारत के कानून इतने दमनकारी लगते हैं कि लैला जैसी डिस्टोपिया बनाकर वह मुसलमानों की प्रताड़ना दिखाना चाहते हैं, उन्हें केवल एक हफ़्ते पाकिस्तान में बिता कर आना चाहिए। आपके हिन्दूफ़ोबिक यूटोपिया जितना तो अच्छा नहीं है, लेकिन वैसे हिंदुस्तान का लोकतंत्र काफी अच्छा है...
पत्रकारिता के नाम पर संवेदनहीनता और बेहूदगी आम हो चुकी है

जब रिपोर्टर मरे बच्चे की माँ से भी ज़्यादा परेशान दिखने लगें…

नर्स एक बीमार बच्चे के बेड के पास खड़ी होकर कुछ निर्देश दे रही है और हमारे पत्रकार माइक लेकर पिले पड़े हैं! ये इम्पैक्ट किसके लिए क्रिएट हो रहा है? क्या ये मनोरंजन है कुछ लोगों के लिए जिनके लिए आप पैकेज तैयार करते हैं? फिर आपने क्या योगदान दिया इस मुद्दे को लेकर बतौर पत्रकार?

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

50,880फैंसलाइक करें
8,839फॉलोवर्सफॉलो करें
69,851सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: