Homeदेश-समाजयौन शोषण मामले में मौलाना गिरफ़्तार, 25 साल से बच्चे-बच्चियों को बना रहा था...

यौन शोषण मामले में मौलाना गिरफ़्तार, 25 साल से बच्चे-बच्चियों को बना रहा था हवस का शिकार

25 साल से बच्चों के साथ बलात्कार कर रहा था मौलाना। लेकिन बात खुली तब जब पिछले हफ़्ते मदरसे में युसूफ़ ने एक बच्चे को कुरान पढ़ाने के बहाने बुलाया। बच्चा जब घर गया तो ख़ौफ़ में आकर उसने दुष्कर्म की पूरी कहानी...

केरल के कोट्टायम ज़िले में पुलिस ने एक मदरसा टीचर को बच्चों के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ़्तार किया है। 63 साल के आरोपी युसूफ़ को मदरसा चलाने वाली मस्जिद कमिटी की शिक़ायत के बाद शनिवार (1 जून) को गिरफ़्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यूसुफ़ एक अपराधी था और उसने एक दर्जन से अधिक बच्चों का यौन शोषण किया। पुलिस ने कहा कि माता-पिता की शिक़ायत दर्ज कराने में विफल रहने की वजह से यूसुफ को पहले गिरफ़्तार नहीं किया गया था।

ख़बर के अनुसार, गिरफ़्तार होने के बाद युसुफ़ ने 25 साल की उम्र से बच्चों के साथ बलात्कार करने की बात क़बूल कर ली और यह भी बताया कि जब वो बच्चा था तब वो ख़ुद भी यौन शोषण का शिकार हुआ था। मौलाना ने कहा कि उसने एक व्यक्ति से बदला लेने के लिए उसकी बेटी का बलात्कार किया क्योंकि कभी उसने भी उसका (यूसुफ़) यौन उत्पीड़न किया था। यूसुफ़ को यह विश्वास था कि वो कभी पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि बच्चों को शायद ही यौन शोषण और क़ानूनी कार्रवाइयों का कोई ज्ञान हो। महाल्लु समिति के लोग भी शुरू में शिक़ायत दर्ज कराने में हिचकिचाते थे, लेकिन उन्होंने अंततः यूसुफ़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का फ़ैसला किया।

दरअसल, पिछले हफ़्ते थालायोलापारांबू मदरसे में युसूफ़ ने एक बच्चे को कुरान पढ़ाने के बहाने बुलाया। जिसके बाद बच्चा जब घर गया तो ख़ौफ़ में डूबे बच्चे ने दुष्कर्म की पूरी कहानी अपने माता-पिता को बता डाली। जिसके बाद माता-पिता ने इसकी शिक़ायत मदरसा चलाने वाली मस्जिद कमिटी को की। बाद में पता चला कि 2 साल पहले भी इस मदरसे को ज्वाइन करने वाले युसूफ़ पर कई बच्चों ने एतराज़ जताया था। लेकिन तब मदरसे ने बच्चों की शिक़ायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।

बहरहाल, ताज़ा मामला सामने आने के बाद मस्जिद कमिटी ने युसूफ़ को पहले मदरसे से बर्ख़ास्त कर दिया है। गिरफ़्तारी के बाद आरोपी युसूफ़ के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त सज़ा दिलाने के लिए आवाज़ उठ रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पटरियों पर अब हाइड्रोजन की ताकत, पहली फ्यूल सेल ट्रेन का जिंद-सोनीपत ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रायल सफल: जानिए कैसे बदलेगा भारतीय रेलवे का...

जिंद-सोनीपत रेलखंड पर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हुआ। जल्द यात्री सेवा शुरू होगी, जिससे स्वच्छ परिवहन को नई दिशा मिलेगी।

बलिदानियों के सम्मान को भी कॉन्ग्रेस ने बनाया प्रोपेगेंडा, मोदी सरकार को घेरने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फैलाया झूठ: जानें- क्या है ‘एक...

जिन बलिदानियों के नाम सरकार द्वारा छुपाने का दावा कॉन्ग्रेसी नेता पवन खेड़ा कर रहे हैं, वे नाम पहले से ही देश के सामने आ चुके थे।
- विज्ञापन -