Tuesday, May 21, 2024
Homeदेश-समाजआम पर छिड़क दिया जहर, फिर लाशों को कैरेट में भर डाल दिए पत्ते:...

आम पर छिड़क दिया जहर, फिर लाशों को कैरेट में भर डाल दिए पत्ते: उत्तराखंड में बंदरों की हत्या, साथियों के साथ जान मोहम्मद गिरफ्तार

जिस बाग में बंदरों को जहर देकर मारा गया उसे जान मोहम्मद ने लीज पर ले रखा है। बाग के कामकाज के लिए इनामुद्दीन, छोटे खां, इमरान, अफ़ज़ाल, अनवार, इकरार, नदीम और मुबारिक को भी रखा है।

उत्तराखंड के काशीपुर में बंदरों की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बाग के आम बचाने के लिए बंदरों को जहर देकर मारा गया था। इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम हैं- जान मोहम्मद, इनामुद्दीन, छोटे खां, इमरान, अफजाल, अनवार, इकरार, नदीम और मुबारिक। 8 बंदरों के शव रविवार (18 जून 2023) को बगीचे में गई महिलाओं को मिले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना काशीपुर के ITI थाना क्षेत्र की है। यहाँ दिल्ली के संदीप शर्मा का आम का एक बाग़ है। 2 साल पहले इस बाग़ की लीज संदीप ने बरेली जिले के जान मोहम्मद को दी थी। जान मोहम्मद फिलहाल काशीपुर के जैतपुरा फार्म में रहता है। उसने अपने साथ इस बाग के कामकाज के लिए इनामुद्दीन, छोटे खां, इमरान, अफ़ज़ाल, अनवार, इकरार, नदीम और मुबारिक को भी रखा था।

DSP वंदना शर्मा के मुताबिक आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि बाग को लीज पर लेने के बाद उन्हें धंधे में घाटा हो रहा था। इसकी वजह बंदरों द्वारा आम के बाग में किया जाने वाला उत्पात था। आखिरकार बंदरों से छुटकारा पाने के लिए आरोपितों ने आम पर जहरीली दवाओं का छिड़काव कर दिया। इसके कारण 8 बंदरों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपितों ने गड्ढा खोद आम के कैरेट में शव रख उसे पत्तों से ढक दिया।

बताया जा रहा है कि रविवार को जब बाग में कुछ महिलाएँ घास काटने आईं तो उन्हें बंदरों के शव एक जगह पड़े मिले। कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के लोगों को हुई और वे मौके पर जमा हो गए। लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर बंदरों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच केस दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पूछताछ के लिए बाग के ठेकेदार सहित उसके अन्य साथियों को बुलाया गया तो सारा राज खुल गया।

पुलिस को आम के बाग में जहरीली दवाओं की बोतलें भी पड़ी मिली हैं जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस के आगे बंदरों को जहर देने की बात कबूल की है। पुलिस ने सभी 9 आरोपितों का वन्य जीव क्रूरता अधिनियम वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और IPC की धारा 295- A में चालान कर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि बाग के मालिक संदीप शर्मा का भी पुलिस एक्ट में चालान किया जाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ से लड़ रही लालू की बेटी, वहाँ यूँ ही नहीं हुई हिंसा: रामचरितमानस को गाली और ‘ठाकुर का कुआँ’ से ही शुरू हो...

रामचरितमानस विवाद और 'ठाकुर का कुआँ' विवाद से उपजी जातीय घृणा ने लालू यादव की बेटी के क्षेत्र में जंगलराज की यादों को ताज़ा कर दिया है।

निजी प्रतिशोध के लिए हो रहा SC/ST एक्ट का इस्तेमाल: जानिए इलाहाबाद हाई कोर्ट को क्यों करनी पड़ी ये टिप्पणी, रद्द किया केस

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए SC/ST Act के झूठे आरोपों पर चिंता जताई है और इसे कानून प्रक्रिया का दुरुपयोग माना है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -