हिन्दू हूँ, 100 मुसलमानों ने लिंच करने की कोशिश की: अहमदाबाद कपड़ा व्यापारी

हमने मुस्लिम समुदाय से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा वो मुहर्रम के बाद ही कुछ बयान देंगे। पुलिस लगातार इसे एक झड़प कह रही है और इसमें सांप्रदायिक एंगल के होने से इनकार कर रही है।

अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में दो समुदाय के लोगों के बीच पार्किंग को लेकर हुई हिंसा की एक घटना सामने आई है। जहाँ, कथित तौर पर, बोहरा समुदाय के कुछ मुसलमानों ने मिलकर हिंदू कपड़ा व्यापारी को बुरी तरह पीट दिया। साथ ही उनके कपड़े भी फाड़े, मोबाइल भी तोड़ा और गाड़ी को भी नुकसान पहुँचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कालूपुर में बोहरा गली एक मुस्लिम बहुल इलाका है जहाँ पर 80-90 हिंदू व्यापारियों की भी दुकानें हैं। यहाँ अक्सर मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदू व्यापारियों की गाड़ियों को नुकसान पहुँचाते हैं। लेकिन कोई उन्हें कुछ नहीं बोल पाता। ऐसे में 4 सितंबर को करीब 11 बजे भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब गाड़ी पार्क करने के मसले पर वहाँ के बोहरा समाज के मुसलमानों ने उनसे बहस करनी शुरू कर दी और थोड़ी देर में इकट्ठा होकर मारपीट करने लगे।

पीड़ित कपड़ा व्यापारी की मानें तो इस कहा-सुनी के समय सिर्फ़ वहाँ 4-5 मुसलमान ही वहाँ मौजूद थे लेकिन अचानक वहाँ 100 लोगों की भीड़ इकट्ठा होकर उन्हें मारने लगे। दिलीप नाम के इस व्यापारी के मुताबिक ये सब साजिश के तहत हुआ था और अगर किसी को उनकी इस बात पर यकीन नही हो तो वो सीसीटीवी फुटेज भी देख सकता है।

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हालाँकि दिलीप के बयान और उनके साथ हुए इस वाकये को उनसे बेहतर कोई नहीं जान-समझ सकता, लेकिन सीसीटीवी फुटेज को देखकर लगता है कि वहाँ भीड़ समझौते के लिहाज़ से इकट्ठा हुई थी, न कि उनपर हमले करने की बाबत से। दिलीप पर हमले की बात पुलिस ने स्वीकारी है लेकिन उसमें अभी तक 4-5 मुसलमान ही दोषी जान पड़ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद वहाँ के बाजार में अजीब-सी शांति हैं। अधिकतर दुकानदार इस बारे में बात करने से भी कतरा रहे हैं। लेकिन फिर भी वहाँ सभी दुकानदारों का एक मत बताएँ तो उनका कहना है, “दिलीपभाई के साथ जो हुआ वो बेहद ही डरावने स्वप्न की तरह था। ये दिलीपभाई का नसीब ही था कि वे उस भीड़ से बच निकलें।”

आपको बता दें अपने साथ हुई इस घटना पर दिलीप को कानून की ओर से बहुत निराशा हाथ लगी। जिसके कारण उन्हें शक है कि उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं। उनकी मानें पहले तो पुलिस इस घटना पर एक्शन लेने को ही नहीं तैयार नहीं थी। उनका कहना था कि बोहरा समाज के मुसलमान बाकी मुसलमानों जैसे नहीं है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उन्होंने मामले को दर्ज किया।

इस मामले के संबंध में पुलिस ने कहा, “तारीख़ 4/09/2019 की रोज़ पार्किंग के मसले पर कुतबी महोल्ले में सिंधी समाज के व्यापारी के साथ अंजान 4-5 शख़्सों ने मारपीट की है, जिसके अनुसंधान में हमारे यहाँ कंप्लेंट रजिस्टर करवाई गई है। उन अनजान शख़्सों के ख़िलाफ़ छानबीन शुरू है एवं जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई की जाएगी।”

लगभग 40 मिनट के CCTV फुटेज में हमने पाया कि एक व्यक्ति अर्धनग्न अवस्था में एक तरफ से दूसरी तरफ जा रहा है। साथ ही, दसियों लोगों की एक भीड़ भी 3-4 बार कैमरे के फ्रेम में इकठ्ठा होती दिखी। हमने मुस्लिम समुदाय से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा वो मुहर्रम के बाद ही कुछ बयान देंगे। पुलिस लगातार इसे एक झड़प कह रही है और इसमें सांप्रदायिक एंगल के होने से इनकार कर रही है।

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आरफा शेरवानी
"हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे बल्कि अपने तरीके और स्ट्रेटेजी बदल रहे हैं। सभी जाति, धर्म के लोग साथ आएँ। घर पर खूब मजहबी नारे पढ़कर आइए, उनसे आपको ताकत मिलती है। लेकिन सिर्फ मुस्लिम बनकर विरोध मत कीजिए, आप लड़ाई हार जाएँगे।"

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