Monday, July 26, 2021
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डॉ राहुल बन कॉल करता था अब्दुल करीम, ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन का लालच दे चला रहा था पूरा गैंग

अब्दुल करीम राणा दिल्ली विधान सभाध्यक्ष रामनिवास गोयल को कॉल करता है। अपना नाम डॉ राहुल ठाकुर बताता है और कहता है कि वो राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बतौर डॉक्टर कार्यरत है। इसके बाद ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन के नाम पर पैसे ऐंठ लेता है। ऐसा वह कई लोगों के साथ कर चुका है। पुलिस ने...

दिल्ली पुलिस ने ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन स्कैम के आरोपित को धर-दबोचा है। इस मामले में पुलिस को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल से शिकायत मिली थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। गोयल के पास एक कॉल आया था, जिसमें उस तरफ से प्लाज्मा डोनेशन की बात कही गई और साथ ही रुपए की भी माँग रखी गई।

उक्त कॉलर ने फोन पर कहा था कि वो ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन करेगा और बदले में उसने पेटीएम से पेमेंट की माँग की थी। पुलिस ने आरोपित शख्स को पकड़ लिया है, उसकी पहचान अब्दुल करीम राणा के रूप में हुई है।

कॉलर ने दिल्ली विधान सभाध्यक्ष रामनिवास गोयल को बताया कि वो दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बतौर डॉक्टर कार्यरत है। गोयल ने उस कॉल की पूरी डिटेल्स और उक्त व्यक्ति का नंबर पुलिस को दे दिया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अब्दुल करीम राणा की पहचान की और फिर उसे गिरफ़्तार कर लिया

इस पूरे मामले में जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला एंगल है, वह है आरोपित का छद्म हिन्दू नाम का इस्तेमाल करना। आरोपित राहुल ठाकुर के छद्म हिन्दू नाम से लोगों को कॉल किया करता था।

आरोपित अब्दुल करीम राणा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है, जो ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन स्कैम में लिप्त है। उसके गैंग में कई अन्य साथ भी हो सकते हैं, जिसकी पहचान के लिए उससे पूछताछ जारी है।

पुलिस ने अन्य आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए तलाशी अभियान प्रारम्भ भी कर दिया है। आरोपित अब्दुल करीम राणा ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए कई निर्दोष लोगों को ठगे जाने की बात बताई है। उसने कइयों को चुना लगाया है।

वो सबसे पहले पता लगाता था कि किस व्यक्ति को ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन की ज़रूरत है। इसके बाद वो ख़ुद ब्लड/प्लाज्मा डोनर बन कर उसे कॉल किया करता था और फिर बदले में रुपए की माँग करता था।

अब्दुल करीम राणा इतने शातिराना ढंग से लोगों से बातचीत करता था कि लोग उसके झाँसे में आ जाते थे। इससे पहले किडनी डोनेशन के नाम पर इस तरह के फर्जीवाड़े सामने आते थे। ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन स्कैम को लेकर ये अपनेआप में अनोखा मामला है।

पता चला है कि आरोपित अब्दुल करीम राणा ने गोयल से कैब के किराए के नाम पर 950 रुपए भी ठग लिए थे। दरअसल, गोयल के भतीजे पुनीत अग्रवाल को अपने ससुर के लिए ब्लड/प्लाज्मा डोनेशन की जरूरत थी, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में पोस्ट किया था। वहीं से अब्दुल ने उन्हें राहुल बन कर कॉल किया।

हालाँकि, पुनीत ने कहीं और से ब्लड/प्लाज्मा का इंतजाम कर लिया था लेकिन बाद में चाचा गोयल के किसी जानकर को जरूरत पड़ी तो उन्होंने आरोपित का ही नंबर दे दिया। गोयल ने अब्दुल को कॉल कर के मेदांता अस्पताल पहुँचने की बात की, लेकिन उससे पहले उसने कहा कि उसके गूगल पे खाते में कैब के 450 रुपए डाले जाएँ। इसके बाद उसने फिर 500 रुपए मँगाए।

पैसे ट्रांसफर होने के बावजूद आरोपित न तो अस्पताल पहुँचा और न ही उसने कॉल उठाया। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लेते हुए हुए उसे धर-दबोचा। उसने दर्जनों को इसी तरह ठगने की बात स्वीकार की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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