Wednesday, January 27, 2021
Home देश-समाज पदोन्नत होकर एडिशनल DCP बने अनुज कुमार, दिल्ली दंगों में जान पर खेल कर...

पदोन्नत होकर एडिशनल DCP बने अनुज कुमार, दिल्ली दंगों में जान पर खेल कर बचाई थी पुलिसकर्मियों की जान

एसीपी ने बताया कि गत 24 फरवरी को, शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा चाँदबाग में हिंसक भीड़ के बीच वजीराबाद रोड के डिवाइडर के पास घायल होकर बेहोश हो गए थे। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वे डीसीपी को लेकर यमुना विहार की तरफ भागे।

पुलिस ने शुक्रवार (जून 26, 2020) को इस बात की जानकारी दी कि पूर्वोत्तर दिल्ली के पूर्व एसीपी अनुज कुमार, जो गत फरवरी में राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वोत्तर हिस्से में हुई हिंसा के दौरान घायल हुए थे, को पदोन्नत किया गया और उन्हें दक्षिण दिल्ली के अतिरिक्त डीसीपी के रूप में नियुक्त किया गया है। गत 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए हिंसा के में डीसीपी शाहदरा अमित शर्मा और अनुज कुमार सहित कम से कम 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

इस हिंसा में एक पुलिस हेड कॉन्स्टेबल सहित कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 200 लोग घायल हो गए। अनुज कुमार ने कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी उनसे साझा की थी।

दिल्ली पुलिस के ट्रांसफर ऑर्डर की प्रति

उन्होंने उस दिन की भयावह स्थिति के बारे में बताया कि, किस तरह हिंसक मुस्लिम भीड़ ने उन पर हमला किया था और किन हालातों में उन्होंने डीसीपी अमित शर्मा सहित अपने सहयोगियों को बचाया था।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, एसीपी ने बताया कि गत 24 फरवरी को, शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा चाँदबाग में हिंसक भीड़ के बीच वजीराबाद रोड के डिवाइडर के पास घायल होकर बेहोश हो गए थे। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वे डीसीपी को लेकर यमुना विहार की तरफ भागे।

उन्होंने आगे बताया कि भीड़ की तरफ से लगातार उन पर पत्थरबाजी हो रही थी। जब उनकी टीम शांति से भीड़ के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रही थी और उन्हें मुख्य सड़क के बजाय सर्विस रोड तक सीमित रहने के लिए कहा जा रहा था, उसी दौरान ऐसी अफवाह फैली कि पुलिस की गोलीबारी में कुछ महिलाएँ और बच्चे घायल हो गए। जिस कारण लोग भड़क गए और हिंसक हो गए।

इस वीभत्स घटना को याद करते हुए अनुज शर्मा ने बताया कि वहाँ कुल मिलाकर लगभग 250 की संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे, जबकि पथराव कर रही हिंसक भीड़ में लगभग 25,000 से 30,000 लोग शामिल थे।

उन्होंने कहा- “हम लगातार वहाँ मौजूद महिलाओं और भीड़ को मनाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और ईंटें उठाकर अचानक पथराव शुरू कर दिया और स्थिति बेकाबू हो गई।” एसीपी ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को अलग करने के लिए आँसू गैस के गोले दागे लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच पर्याप्त दूरी होने के कारण यह कोशिश नाकाम रही।

हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की इन दंगों के दौरान ही फरवरी 24, 2020 को हत्या हो गई थी। जब वे अपने सीनियर्स के साथ गश्त पर थे तभी उन्हें दंगाइयों ने गोली मार दी थी। वहीं, पुलिस ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है कि 22 फरवरी को 45 लोगों के एक समूह ने एक घर के बेसमेंट में एक बैठक की थी। उसी जगह दंगों की पूरी साजिश रची गई।

साजिश के तहत 23 फरवरी को दंगाइयों ने वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को घर के अंदर रहने के लिए कहा था। क्योंकि उन्होंने उस दिन अपनी योजना के अनुसार सड़कों पर दंगा भड़काना था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला स्क्रिप्ट नहीं लिखो’ – TANDAV वालों की होगी गिरफ्तारी, रोक से SC का इनकार!

वेब सीरीज ‘तांडव’ के निर्माताओं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार करते हुए...

Video: ‘किसान’ नेता स्वतंत्र क्यों घूम रहे हैं? एक भी अरेस्ट क्यों नहीं?

सिंघु बॉर्डर पर किसान क्यों हैं अभी भी? एक भी अरेस्ट क्यों नहीं? मीटिंग तो एक रूटीन प्रक्रिया है, लेकिन असामान्य परिस्थिति में रूटीन से बाहर क्यों नहीं है सरकार? टिकैत, योगेन्द्र यादव समेत वो चालीस किसान नेता क्यों नहीं हैं कस्टडी में? सरकार जवाबदेही तक क्यों नहीं तय कर पाई है?

1 Feb को संसद पर कब्जा, ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने वाले को 2.5 करोड़ रुपए: आतंकी संगठन SFJ का ऐलान

प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा और घेराव की धमकी दी है।

इस्लामी हो या खालिस्तानी… निशाना हिन्दू ही है: एक ही ट्रेंड को बार-बार देख कर भी केंद्र और SC शांत क्यों?

अराजकता को जब पलने दिया जाता है तो फिर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज बचती नहीं। जो दिल्ली दंगों में हुआ, वही खालिस्तानी 'किसान' उपद्रव में।

‘केदारनाथ’ और ‘राम मंदिर’ पर किसान दंगाइयों का आतंक, 26 जनवरी परेड वाले मंदिर का गुंबद तोड़ा

'किसान' दंगाइयों ने तिरंगा के अपमान के साथ ही राम मंदिर और केदारनाथ मंदिर को निशाना बनाते हुए राम मंदिर की झाँकी के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया।

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

प्रचलित ख़बरें

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

‘धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला स्क्रिप्ट नहीं लिखो’ – TANDAV वालों की होगी गिरफ्तारी, रोक से SC का इनकार!

वेब सीरीज ‘तांडव’ के निर्माताओं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार करते हुए...
00:48:51

Video: ‘किसान’ नेता स्वतंत्र क्यों घूम रहे हैं? एक भी अरेस्ट क्यों नहीं?

सिंघु बॉर्डर पर किसान क्यों हैं अभी भी? एक भी अरेस्ट क्यों नहीं? मीटिंग तो एक रूटीन प्रक्रिया है, लेकिन असामान्य परिस्थिति में रूटीन से बाहर क्यों नहीं है सरकार? टिकैत, योगेन्द्र यादव समेत वो चालीस किसान नेता क्यों नहीं हैं कस्टडी में? सरकार जवाबदेही तक क्यों नहीं तय कर पाई है?

पत्नी दूसरे के साथ भागी तो बन गया ‘सीरियल किलर’: 18 महिलाओं को बेरहमी से उतारा मौत के घाट

तेलंगाना के हैदराबाद में टास्क फोर्स पुलिस ने एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है। यह सीरियल किलर अब तक 18 महिलाओं के साथ सेक्स करने के बाद उनकी हत्या कर चुका है।

‘150+ लोगों से हिन्दू धर्म छुड़वा ईसाई बनाया जा रहा था’ – इंदौर में VHP और बजरंग दल का दखल, 11 पर FIR

इंदौर में सैंकड़ों लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। सेंट अर्नॉल्ड रिलिजियस सेंटर में सैकड़ों हिंदुओं को लालच देकर...

लाल किले में हुई हिंसा के मामले में 200 लोग हिरासत में: लूट, डकैती और हत्या की साजिश के आरोप में मुकदमा दर्ज

गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने 200 लोगों को हिरासत में ले लिया है। कहा जा रहा है जल्द ही इन सबको गिरफ्तार किया जाएगा।

1 Feb को संसद पर कब्जा, ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने वाले को 2.5 करोड़ रुपए: आतंकी संगठन SFJ का ऐलान

प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा और घेराव की धमकी दी है।

‘स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना छूना यौन अपराध नहीं’ वाले बॉम्बे HC के फैसले पर SC ने लगाई रोक, आरोपित को नोटिस जारी

किसी नाबालिग के ब्रेस्ट को बिना ‘स्किन टू स्किन’ कान्टैक्ट के छूने पर POCSO के तहत अपराध न मानने के हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

लाल किले के भीतर दंगाइयों का आंतक: चकनाचूर हुए काउंटर पर लगे शीशे, उखाड़ दिए गए रेलिंग व बैनर

लाल किले में घुसी भीड़ ने उपद्रव के दौरान न केवल टिकट काउंटर को पूरी तरह फोड़ा। उन्होंने इसके साथ लगे बोर्डों को भी निकाल कर फेंक दिया। वहीं एसी और रेलिंग को उखाड़कर भी नीचे कर दिया गया है।

इस्लामी हो या खालिस्तानी… निशाना हिन्दू ही है: एक ही ट्रेंड को बार-बार देख कर भी केंद्र और SC शांत क्यों?

अराजकता को जब पलने दिया जाता है तो फिर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज बचती नहीं। जो दिल्ली दंगों में हुआ, वही खालिस्तानी 'किसान' उपद्रव में।

‘केदारनाथ’ और ‘राम मंदिर’ पर किसान दंगाइयों का आतंक, 26 जनवरी परेड वाले मंदिर का गुंबद तोड़ा

'किसान' दंगाइयों ने तिरंगा के अपमान के साथ ही राम मंदिर और केदारनाथ मंदिर को निशाना बनाते हुए राम मंदिर की झाँकी के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe