Sunday, August 1, 2021
Homeदेश-समाजवे 20-25,000 के बीच थे, हम केवल 200: जख्मी ACP ने सुनाई उस दिन...

वे 20-25,000 के बीच थे, हम केवल 200: जख्मी ACP ने सुनाई उस दिन की आपबीती जब बलिदान हुए थे रतनलाल

फायरिंग करने पर भीड़ में महिलाओं और बच्चों को गोली लगने की आशंका थी। उपद्रवियों की पहचान मुश्किल थी। अनुज ने बताया कि उपद्रवियों ने इसी बात का फायदा उठाया था। पहले पत्थर और रॉड से हमला किया और फिर फायरिंग भी शुरू कर दी।

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के चाँदबाग इलाके में दंगाई भीड़ की चपेट में आये एसीपी अनुज कुमार अब सामने आए हैं। हिंसा में जख्मी हुए एसीपी (गोकुलपुरी) अनुज ने बताया कि उस दिन डीसीपी अमित शर्मा भी उन्हीं के सामने जख्मी हुए थे। हिंसा में बलिदान हुए हेड कांस्टेबल रतनलाल भी उन्हीं के साथ थे।

अनुज कुमार ने बताया, “24 फरवरी को मैं शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा को जख्मी होने के बाद अस्पताल ले जा रहा था। इस दौरान भी प्रदर्शनकारी पथराव कर रहे थे और मुझे भी सिर पर चोट लगी। हमें नहीं पता था कि रतनलाल को गोली लग गई थी। हम रतनलाल को जीटीबी अस्पताल ले गए, जहाँ उसे बचाया नहीं किया जा सका और फिर बाद में हम डीसीपी को मैक्स अस्पताल में ले गए।”

दो दिन पहले अस्पताल से छुट्टी पाने वाले एसीपी ने कहा, “हमें निर्देश दिया गया था कि गाजियाबाद की सीमा के साथ सिग्नेचर ब्रिज को जोड़ने वाली सड़क को बंद न किया जाए। लेकिन धीरे-धीरे और लगातार भीड़ बढ़ने लगी और इसमें महिला और पुरुष दोनों ही शामिल थे। वे लगभग 20,000 से 25,000 के बीच थे, जबकि हम केवल 200 थे।” उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि उन्होंने सड़क को बंद करने की योजना बनाई थी जैसा कि उन्होंने पहले किया था।

अनुज कुमार ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे लोग सर्विस लेन से सड़क पर आ गए थे। फिर एक अफवाह फैली कि पुलिस की गोलियों से बच्चे मर गए हैं। इसने हिंसा को और भी ज्यादा भड़का दिया। इस अफवाह से भीड़ और जमा हो गई। 15 और 20 मीटर का फासला था। फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई। 

एसीपी ने बताया कि जब चाँदबाग बाजार इलाके में सीएए विरोधी भीड़ सड़क को घेर रही थी, तभी भीड़ हावी हो गई और पथराव शुरू हो गया था। इसी दौरान डीसीपी शाहदरा अमित शर्मा घायल हो गए। एसीपी ने बताया, “डीसीपी अमित शर्मा के मुँह से खून निकल रहा था। आँखें ऊपर की ओर हो चुकी थी। भीड़ 5-10 मीटर पर थी। हम पर पथराव हो रहा था। फिर मैंने जब डीसीपी को देखा तो आशाहीन हो गया। जैसे-तैसे मैंने खुद को सॅंभाला और डीसीपी को डिवाइडर पर लगी ग्रिल के उस पार किया।”

अनुज कुमार ने बताया कि भीड़ और पुलिस फोर्स के बीच में बेहद कम दूरी थी, इसलिए टियर गैस का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। फिर अचानक भीड़ हिंसक हो गई। फायरिंग करने पर भीड़ में महिलाओं और बच्चों को गोली लगने की आशंका थी। उपद्रवियों की पहचान मुश्किल थी। अनुज ने बताया कि उपद्रवियों ने इसी बात का फायदा उठाया था। पहले पत्थर और रॉड से हमला किया और फिर फायरिंग भी शुरू कर दी।

बता दें कि कि रविवार (फरवरी 23, 2020) से दिल्ली की सड़कों पर शुरू हुए हिंदू विरोधी दंगों में लगभग 42 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 200 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में सुरक्षा बलों के करीब 70 लोग शामिल हैं। मृतकों में दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल रतन लाल और आईबी के अंकित शर्मा भी शामिल हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsदिल्ली पुलिस एसीपी अनुज कुमार, डीसीपी अमित शर्मा, दिल्ली पुलिस पर भीड़ का हमला, इशरत जहां, दिल्ली दंगा इशरत जहां, कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां, दिल्ली दंगा कांग्रेस, दिल्ली दंगा कांग्रेस नेता गिरफ्तार, दिल्ली दंगा, दिल्ली दंगा लिबरल गैंग, दिल्ली दंगा लिबरल मीडिया, दिल्ली दंगा हिंदूफोबिया, दिल्ली दंगा प्राइम टाइम, रवीश कुमार प्राइम टाइम, दिल्ली दंगा एनडीटीवी, दिल्ली दंगा सेकुलर मीडिया, दिल्ली दंगा की खबरें, दिल्ली दंगों में कौन शामिल, दंगा और मुसलमान, दिल्ली में मुसलमानों का दंगा, पीएम मोदी, नरेंद्र मोदी, दिल्ली दंगा मोदी, दिल्ली हिंसा मोदी, उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मोदी, आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या, अंकित शर्मा की हत्या, चांदबाग अंकित शर्मा की हत्या, दिल्ली हिंसा विवेक, विवेक ड्रिल मशीन से छेद, विवेक जीटीबी अस्पताल, विवेक एक्सरे, दिल्ली हिंदू युवक की हत्या, दिल्ली विनोद की हत्या, दिल्ली ब्रहम्पुरी विनोद की हत्या, दिल्ली हिंसा अमित शाह, दिल्ली हिंसा केजरीवाल, दिल्ली हिंसा उपराज्यपाल, अमित शाह हाई लेवल मीटिंग, दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस रतनलाल, हेड कांस्टेबल रतनलाल, रतनलाल का परिवार, ट्रंप का भारत दौरा, ट्रंप मोदी, बिल क्लिंटन का भारत दौरा, छत्तीसिंह पुरा नरसंहार, दिल्ली हिंसा, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, दिल्ली पुलिस, करावल नगर, जाफराबाद, मौजपुर, गोकलपुरी, शाहरुख, कांस्टेबल रतनलाल की मौत, दिल्ली में पथराव, दिल्ली में आगजनी, दिल्ली में फायरिंग, भजनपुरा, दिल्ली सीएए हिंसा, शाहीन बाग, शाहीनबाग प्रदर्शन, शाहीन बाग वायरल वीडियो, CAA NRC शाहीन बाग, CAA NRC असम, शाहीन बाग मास्टरमाइंड, cab and nrc hindi, CAA मुसलमान, नागरिकता कानून मुसलमान, नागरिकता कानून हिंसा, भारत विरोधी नारे, मुस्लिम हरामी क्यो होते है, nrc ke bare mein muslim mulkon ki rai, मुसलमान डरे हुए हैं या डरा रहे हैं, हिंसा में शामिल pfi और सीमी मुसलमान, हिन्दुत्व के विरोध का भूत, हमें चाहिए आजादी ये कैसा नारा है, हिंदुओं से चाहिए आजादी, rambhakt gopal, ram bhakt gopal, jamia violence, जामिया हिंसा, राम भक्त गोपाल
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ममता बनर्जी महान महिला’ – CPI(M) के दिवंगत नेता की बेटी ने लिखा लेख, ‘शर्मिंदा’ पार्टी करेगी कार्रवाई

माकपा नेताओं ने कहा ​कि ममता बनर्जी पर अजंता बिस्वास का लेख छपने के बाद से वे लोग बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।

‘मस्जिद के सामने जुलूस निकलेगा, बाजा भी बजेगा’: जानिए कैसे बाल गंगाधर तिलक ने मुस्लिम दंगाइयों को सिखाया था सबक

हिन्दू-मुस्लिम दंगे 19वीं शताब्दी के अंत तक महाराष्ट्र में एकदम आम हो गए थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक इससे कैसे निपटे, आइए बताते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,404FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe