Homeदेश-समाज11वीं सदी के मंदिर में किया कई बार बलात्कार, रंगे हाथ पकड़ा गया कुतुबुद्दीन...

11वीं सदी के मंदिर में किया कई बार बलात्कार, रंगे हाथ पकड़ा गया कुतुबुद्दीन अहमद

पीड़िता ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी देत हुए आरोपित के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज कराई। FIR के आधार पर, कुतुबुद्दीन अहमद गिरफ़्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

एक चौंकाने वाली घटना में, असम के ढेकियाजुली में एक मंदिर में एक लड़की के साथ बलात्कार की घटना सामने आई है। यह घटना बुधवार (14 अगस्त) को ढेकुकुली के सिंगोरी क्षेत्र में विश्वकर्मा मंदिर के परिसर में हुई। आरोपित कुतुबुद्दीन अहमद को पुलिस ने पकड़ लिया है।

ख़बर के अनुसार, कुतुबुद्दीन पास के मिसामारी के एराबारी से लड़की को किसी बहाने से प्राचीन मंदिर के परिसर में लाया। वहाँ उसने उसे कुछ नशीली दवा खिला दी और फिर कई बार उसका बलात्कार किया। लेकिन, कुतुबुद्दीन की इस हरक़त को मंदिर परिसर की देखरेख करने वालों ने दो लोगों ने देख लिया। उन्होंने कुतुबुद्दीन को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। देखरेख करने वालों ने कुतुबुद्दीन की इस शर्मनाक़ हरक़त को सबूत के तौर पर रिकॉर्ड भी किया है।

पीड़िता ने भी पुलिस को घटना की पूरी जानकारी देत हुए आरोपित के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज कराई है। FIR के आधार पर, कुतुबुद्दीन अहमद को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

आपको बता दें कि सिंगोरी पहाड़ी एक प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर के खंडहर का स्थान है, जो 11वीं-12वीं शताब्दी का है। यह असम में सोनितपुर ज़िले में सिंगोरी टी एस्टेट के अंदर स्थित है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -