9 साल की बच्ची ने बताया: अम्मी को बड़ी अम्मी, कौसर व निदा ने पकड़ा, दिलशाद, आस मोहम्मद और रईस ने जलाया

प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद को लेकर ससुरालवालों ने यास्मीन को जिंदा जलाने की कोशिश की। यास्मीन के पति का चार साल पहले इंतकाल हो गया था।

दिल्ली के हज़रतगंज निजामुद्दीन बस्ती के कोट मोहल्ला में रहने वाली 32 वर्षीय यास्मीन को ससुराल में जलाए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान महिला 80 फ़ीसदी तक जल गई, जिसे दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यास्मीन को जलाने का आरोप उसके जेठ-जेठानियों पर है।

ख़बर के अनुसार, जेठ-जेठानी ने प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद को लेकर महिला पर मिट्टी का तेल डालकर उसे ज़िंदा जलाने की कोशिश की। ऐसा करते देख पीड़िता की तीनों बेटियाँ मौक़े पर पहुँची और अपनी माँ को जलता देख उन पर पानी डालने के लिए घरवालों से गिड़गिड़ाती रहीं। लेकिन, किसी का दिल नहीं पसीजा और महिला 80 फ़ीसदी तक जल गई। बाद में पुलिस को कॉल की गई।

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साउथ-ईस्ट-दिल्ली के डीसीपी चिन्मय विश्वाल ने बताया कि हज़रत निज़ामुद्दीन थाने में FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना 16 अगस्त के शाम की है। फ़िलहाल अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय यास्मीन का निक़ाह 10 साल पहले आमिर से हुआ था। चार साल पहले उसकी मौत हार्ट-अटैक से हो गई थी। शौहर की मौत के बाद यास्मीन पर ससुराल वालों ने ज़ुल्म ढाना शुरू कर दिया। यास्मीन की तीन बेटियाँ हैं, इनमें सबसे बड़ी बेटी 9 साल, दूसरी 8 साल और तीसरी 5 साल की है।

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यास्मीन के मायकेवालों का कहना है कि जब तक आमिर जीवित था तब तक किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन उसकी मौत के बाद पैसों को लेकर आए दिन घर में क्लेश होने लगा। ससुराल वाले उसको महीने के 10 हज़ार रुपए बतौर खर्च देते थे, इससे उसकी तीनों बेटियों का गुज़ारा नहीं हो पाता था। 

यास्मीन की बड़ी बेटी को शुगर की समस्या है, ऐसे में जब वो खर्च बढ़ाने की बात कहती तो ससुराल वाले उससे नाराज़ हो जाते और उसे प्रताड़ित करते। बात मारपीट तक पहुँच जाती। हद तो तब बढ़ गई जब ससुराल वालों को यह लगने लगा कि कहीं वो प्रॉपर्टी में हिस्सा न माँग ले तो उसके ससुराल वालों ने उसे ज़िंदा जलाकर मार देने का षणयंत्र रचा।

यास्मीन की बड़ी बेटी ने बताया कि जब वो ट्यूशन से घर लौटी तो उसने देखा कि आग में जल रही उसकी अम्मी को बड़ी अम्मी, कौसर और निदा ने पकड़ रखा था। पीड़िता की तीनों बच्चियों ने मिलकर किसी तरह आग बुझाई। यास्मीन ने अपनी बेटी को बताया कि उसे उसके शौहर के भाइयों आस मोहम्मद, मोहम्मद दिलशाद और रईस ने अपनी बीवियों के साथ मिलकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। 


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पुलिस ने घटना-स्थल का जब मुआयना किया तो अपनी प्राथमिक जाँच में पाया कि फर्श पर मिट्टी के तेल की बोतल, पानी और तेल बिखरा हुआ था। अधजले कपड़े भी बरामद किए जिनसे मिट्टी के तेल की बदबू आ रही थी। पुलिस ने यह बात भी स्पष्ट की कि मामला प्रॉपर्टी विवाद का है, फ़िलहाल जाँच की जा रही है।

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