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हरिद्वार के ‘आयुर्वेदिक कॉलेज’ में बिन परमिशन मुस्लिम छात्रों ने की इफ्तार पार्टी, कई बाहरियों को परिसर में घुसाया: पता चलने पर हंगामा, बजरंग दल ने बताया- इस्लामी जिहाद

प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने बताया कि पुलिस को मौखिक रूप से जाँच के निर्देश दिए गए हैं।

हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में कुछ मुस्लिम छात्रों ने शुक्रवार (7 मार्च 2025) को इफ्तार पार्टी रखी, जिसके बाद शनिवार (8 मार्च 2025) को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में हंगामा मचा दिया। उनका कहना था कि ये पार्टी ‘हिंदू धार्मिक शहर’ में बाहरी लोगों को लाने की साजिश थी और इसे ‘इस्लामिक जिहाद’ का हिस्सा बताया।

बजरंग दल के नेता अमित कुमार ने कहा कि हरिद्वार में गैर-हिंदुओं द्वारा ऐसी कोई भी गतिविधि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन में दोषी छात्रों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा प्रदर्शन होगा। पुलिस ने हंगामे को शांत कराया, लेकिन माहौल तनावपूर्ण रहा।

कॉलेज के डायरेक्टर डीसी सिंह ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कुछ छात्रों ने बिना इजाजत पार्टी की। चौकीदार ने सूचना दी, जिसके बाद शिक्षकों ने छात्रों को भगा दिया। सिंह ने कहा कि ये किस तरह की पार्टी थी, ये साफ नहीं था, लेकिन जाँच के लिए एक कमेटी बना दी गई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी।

दूसरी तरफ, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया और अंदर घुसने की कोशिश की, पर पुलिस ने रोक लिया। बजरंग दल के प्रदेश संयोजक अनुज वालिया ने कहा कि ऐसी हरकतें हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने बताया कि पुलिस को मौखिक रूप से जाँच के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकुल कॉलेज का ऐतिहासिक महत्व है, जो पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित विद्यापीठ का हिस्सा है। इस घटना से हिंदू संगठनों में गुस्सा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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