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रिद्धिमान साहा को धमकाने वाले पत्रकार बोरिया मजूमदार पर BCCI ने लगाया बैन: प्रेस मेम्बरशिप भी गई, नहीं ले सकेंगे कोई इंटरव्यू

यहीं नहीं, अब बोरिया मजूमदार की बीसीसीआई के किसी भी सदस्य के स्वामित्व वाली एसोसिएशन के क्रिकेट सुविधाओं तक पहुँच को भी खत्म कर दिया गया है।

भारतीय क्रिकेटर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को धमकाने के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) को दो साल के लिए बैन कर दिया है। इस बैन के बाद से अब मजूमदार की प्रेस सदस्य के तौर पर मान्यता को खत्म कर दिया गया है। अब से वो भारत में रजिस्टर्ड किसी भी खिलाड़ी का इंटरव्यू नहीं ले सकेंगे।

यहीं नहीं, अब बोरिया मजूमदार की बीसीसीआई के किसी भी सदस्य के स्वामित्व वाली एसोसिएशन के क्रिकेट सुविधाओं तक पहुँच को भी खत्म कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि ये मामला फरवरी 2022 का है। जब भारत और श्रीलंका की टीम के बीच सीरीज के लिए ऐलान किया गया था। इसमें साहा को शामिल नहीं किया गया था। इसके कुछ दिनों बाद 19 फरवरी को रिद्धिमान साहा ने ट्विटर पर व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट शेयर कर एक पत्रकार पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें एक जर्नलिस्ट ने इंटरव्यू के लिए धमकी दी थी।

साहा ने लिखा था, “भारतीय क्रिकेट के लिए मेरे तमाम योगदानों के बाद एक तथाकथित सम्मानित पत्रकार से मुझे इन चीजों का सामना करना पड़ रहा। जर्नलिज़्म समाप्त है।” हालाँकि, उस वक्त तक साहा ने उस पत्रकार का नाम नहीं लिया था। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने रिद्धिमान साहा से धमकी देने वाले पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने के लिए उनकी हौसला-अफजाई की।

बाद में बोरिया मजूमदार ने 8 मिनट 36 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर के रिद्धिमान साहा के आरोपों पर सफाई दी थी। इस मसले की जाँच के लिए बीसीसीआई ने उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल और एपेक्स काउंसिल के सदस्य प्रभतेज सिंह भाटिया समेत तीन सदस्यीय कमेटी गठित की।

इस कमेटी ने 24 अप्रैल, 2022 को बोरिया मजूमदार को रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया। इसके बाद अब बीसीसीआई ने दोषी पत्रकार के खिलाफ ये एक्शन लिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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