चंद्रबाबू नायडू के लिए ज़मीन नहीं देने पर किसान की पीट-पीट कर हत्या

पुलिस ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य भाजपाध्यक्ष कन्ना लक्ष्मी नारायण ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप करने की माँग की है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक किसान की असामयिक मृत्यु को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। राज्य में विपक्षी पार्टियों ने TDP (तेलुगू देशम पार्टी) सरकार पर हमला तेज़ कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त किसान ने उनके दौरे को लेकर अपनी ज़मीन देने से इनकार कर दिया था, जिस कारण उसे मार डाला गया। किसान के परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने अपनी ज़मीन में अस्थायी हेलिपैड बनाने के लिए अनुमति नहीं दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया।

मृतक की पहचान पिटला कोटेश्वरा राव के रूप में की गई है, जो यदलापडु मंडल के पुटलकोटा गाँव के मूल निवासी हैं। उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मृतक को काफ़ी यातनाएँ दी। यह घटना सोमवार (फ़रवरी 18, 2019) की है, जब नायडू एक कार्यक्रम के सिलसिले में क्षेत्र के दौरे पर आए थे। ‘द न्यूज़ मिनट’ के अनुसार, पीड़ित के परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा पीटने के बाद उसकी मौत हो गई क्योंकि उसने सीएम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपने खेत में जगह देने से इनकार कर दिया था।

इस घटना के बाद वाईएसआरसीपी के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी, जो राज्य की विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने नायडू को किसान की मृत्यु का दोषी ठहराया। अपने एक ट्वीट में जगन ने कहा:

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

“आपने कोंडावेदु में बीसी किसान कोटिया की हत्या कर दी है। पिटाई के बाद उसे अधमरे स्थिति में छोड़ दिया गया था। आपके हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की सुविधा के लिए, उनकी पपीते की फसल नष्ट हो गई। जब मानवता की ज़रूरत है तो यह क्रूरता क्या है?”

TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने मृतक किसान के परिजनों को मुआवज़े के रूप में 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। इस घटना के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने इलाके में पहुँचना शुरू कर दिया। जगनमोहन की पार्टी की तरफ से 3 सदस्यीय समिति ने किसान के परिजनों से मुलाक़ात किया। तेलुगू सुपरस्टार पवन कल्याण की पार्टी ने भी घटना को लेकर नायडू पर निशाना साधा और मृतक के परिजनों को सरकार नौकरी के साथ-साथ एक करोड़ रुपए देने की माँग की।

वहीं पुलिस ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य भाजपाध्यक्ष कन्ना लक्ष्मी नारायण ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप करने की माँग की है। राज्य भाजपा ने कहा कि सीएम नायडू केंद्र में भाजपा सरकार को लेकर अक्सर कहते रहते हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है, लेकिन उन्हीं की सरकार ने एक निर्दोष किसान को मार डाला।


शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

आरफा खानम

शब्बीर बरखा को भेजता है अश्लील फोटो, आरफ़ा को ‘होली बिस्मिल्ला’ पर अशरफ़ी कहता है ‘डर्टी लेडी’

एक तरफ बरखा दत्त को अश्लील तस्वीर भेजने वाला शब्बीर है, वहीं दूसरी ओर 'द वायर' की पत्रकार आरफ़ा खानम हैं जिन्होंने होली मुबारक कहते हुए 'बिस्मिल्ला' शब्द लिखा तो 'सच्चे' मुसलमान भड़क उठे।
कॉन्ग्रेस

राहुल गाँधी की सुस्त रणनीति से चिंतित मीडिया, ‘इन्वेस्टमेंट’ खतरे में

मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।
नीरव मोदी

नीरव मोदी की गिरफ़्तारी से दुःखी और अवसादग्रस्त कॉन्ग्रेस पेट पर मूसल न मार ले

कॉन्ग्रेस की यही समस्या है कि वो इतना नकारा तो चौवालीस सीट पाने के बाद भी नहीं महसूस कर पाया जितना विपक्ष में कि इतने नेताओं के महागठबंधन के बाद भी मोदी को घेरने के लिए उसके पास सिवाय अहंकार और अभिजात्य घमंड के और कुछ भी नहीं है।

स्वामी असीमानंद और कर्नल पुरोहित के बहाने: ‘सैफ्रन टेरर’ की याद में

कल दो घटनाएँ हुईं, और दोनों ही पर मीडिया का एक गिरोह चुप है। अगर यही बात उल्टी हो जाती तो अभी तक चुनावों के मौसम में होली की पूर्व संध्या पर देश को बताया जा रहा होता कि भगवा आतंकवाद कैसे काम करता है। चैनलों पर एनिमेशन और नाट्य रूपांतरण के ज़रिए बताया जाता कि कैसे एक हिन्दू ने ट्रेन में बम रखे और मुसलमानों को अपनी घृणा का शिकार बनाया।
रणजीत सिंह

कोहिनूर धारण करने वाला सिख सम्राट जिसकी होली से लाहौर में आते थे रंगीन तूफ़ान, अंग्रेज भी थे कायल

कहते हैं कि हवा में गुलाल और गुलाबजल का ऐसा सम्मिश्रण घुला होता था कि उस समय रंगीन तूफ़ान आया करते थे। ये सिख सम्राट का ही वैभव था कि उन्होंने सिर्फ़ अंग्रेज अधिकारियों को ही नहीं रंगा बल्कि प्रकृति के हर एक आयाम को भी रंगीन बना देते थे।

मोदी बनाम गडकरी, भाजपा का सीक्रेट ‘ग्रुप 220’, और पत्रकारिता का समुदाय विशेष

ये वही लम्पटों का समूह है जो मोदी को घेरने के लिए एक हाथ पर यह कहता है कि विकास नहीं हुआ है, रोजगार कहाँ हैं, और दूसरे हाथ पर, फिर से मोदी को ही घेरने के लिए ही, यह कहता है कि गडकरी ने सही काम किया है, उसका काम दिखता है।
मस्जिद

न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड की 5 मस्जिदों पर हमला: आतंकवाद-रोधी पुलिस कर रही जाँच

हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
ताशकंद फाइल्स

The Tashkent Files: मीडिया गिरोह वालों… यह प्रोपेगेंडा नहीं, अपने ‘लाल’ का सच जानने का हक है

यह फिल्म तो 'सच जानने का नागरिक अधिकार' है। यह उस महान नेता की बहुत बड़ी सेवा है, जिसकी रहस्यमय मौत की पिछले 53 वर्षों में कभी जाँच नहीं की गई।
PM Modi मूवी ट्रेलर

PM NARENDRA MODI: जान डाल दिया है विवेक ओबेरॉय ने – दर्द, गुस्सा, प्रेम सब कुछ है ट्रेलर में

विवेक ओबेरॉय के अलावा बोमन इरानी, बरखा बिष्ट, मनोज जोशी, प्रशांत नारायण, राजेंद्र गुप्ता, जरीना वहाब और अंजन श्रीवास्तव मुख्य भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का डायरेक्शन उमंग कुमार ने किया है।

‘अश्लील वीडियो बनाकर सेवादारों ने किया था ब्लैकमेल’, पुलिस ने पेश किया 366 पन्नों का चालान

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

24,263फैंसलाइक करें
6,161फॉलोवर्सफॉलो करें
30,697सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें


शेयर करें, मदद करें: