Monday, July 15, 2024
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नाक से दिया जाने वाला दुनिया का पहला कोरोना वैक्सीन भारत ने किया लॉन्च: बाजार में 800 रुपए है कीमत, सरकार को आधी से भी कम कीमत में मिलेगी

इंट्रानेजल वैक्सीन को 'ग्लोबल गेम चेंजर' करार देते हुए भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ कृष्णा एल्ला ने कहा था, "हमें इंट्रानेजल वैक्सीन तकनीक और डिलीवरी सिस्टम में ग्लोबल गेम चेंजर iNCOVACC की मंजूरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है।"

भारत ने विश्व का पहला स्वदेशी नेजल कोविड वैक्सीन (Nasal Covid Vaccine) लॉन्च किया है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार (26 जनवरी 2023) को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा विकसित iNCOVACC को लॉन्च किया।

नेजल वैक्सीन यानी नाक के जरिए दी जाने वाली इस वैक्सीन- BBV154 को पिछले साल नवंबर में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से वयस्कों के लिए आपातकालीन उपयोग के लिए बूस्टर डोज के रूप मंजूरी मिली थी।

भारत बायोटेक द्वारा ने कुछ दिन पहले अपने बयान में कहा था कि iNCOVACC वैक्सीन की कीमत बाजारों के लिए 800 रुपए होगी, जबकि भारत सरकार और राज्य सरकारों को यह 325 रुपए में दी जाएगी। iNCOVACC को वाशिंगटन विश्वविद्यालय, सेंट लुइस के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है।

कंपनी ने कहा था कि इस टीके का तीन चरणों में क्लिनिकल परीक्षण हुआ है और इससे प्राप्त सफल परिणामों के साथ मूल्यांकन किया गया। वहीं, देश के वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि नाक का यह टीका उन लोगों को नहीं दिया जा सकता है, जिन्होंने बूस्टर खुराक ली है।

कंपनी ने फेज-1 के ट्रायल में 175 को शामिल किया गया था, जबकि दूसरे फेज के ट्रायल में 200 लोगों को शामिल किया था। तीसरे फेज का दो तरह से ट्रायल किया गया था। पहला ट्रायल 3,100 लोगों पर किया गया था, जिन्हें वैक्सीन की दो डोज दी गई थी। वहीं, दूसरा ट्रायल 875 लोगों पर हुआ था और उन्हें ये वैक्सीन बूस्टर डोज के तौर पर दी गई थी।

भारत बायोटेक के इस टीके को दिसंबर 2022 में प्राथमिक 2-खुराक और हीट्रोलोगस बूस्टर के रूप में मंजूरी मिली थी। इससे पहले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को आपातकालीन स्थिति में इंट्रानेजल वैक्सीन के प्रतिबंधित उपयोग को मंजूरी दी थी।

डॉ. अरोड़ा के अनुसार, “यह बहुत आसान है। प्रत्येक नाक में चार बूंदें, कुल 0.5 मिलीलीटर डालना है। बस इतना ही… और इसमें थोड़ी देर के लिए कुछ नाक की रूकावट को छोड़कर बहुत कम प्रतिकूल घटनाएँ होती हैं। यह एक अत्यंत सुरक्षित वैक्सीन है।” उन्होंने आगे बताया, “इस टीके के लिए भी किसी भी दूसरे टीके की तरह हमें 15 से 30 मिनट तक इंतजार करने की जरूरत होती है। अगर कोई प्रतिक्रिया होती है तो इसे तुरंत ठीक किया जा सकता है।”

iNCOVACC एक ऐसा कोविड वैक्सीन है जिसमें सीरींज, सुई, अल्कोहल वाइप्स, बैंडेज आदि की आवश्यकता नहीं होती है। इसे नाक के जरिए शरीर में पहुँचाया जाता है। वैक्सीन की दो खुराक 28 दिन के अंतराल पर देनी होती है। इसका खुराक लेने के लिए CoWIN वेबसाइट पर जाकर इंट्रानेजल वैक्सीन की खुराक के लिए अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है। हालाँकि, इसे चौथे खुराक के रूप में बुक नहीं किया जा सकता।

इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस वैक्सीन को लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी वजह यह है कि इसे सीधे नाक से दिया जाता है। इसका दूसरा बड़ा फायदा ये होगा कि इसके स्टोरेज की समस्या भी कम होगी। फिलहाल जिन वैक्सीन को लगाया जा रहा है, उनके लिए स्टोरेज एक बड़ी समस्या होती है।

इंट्रानेजल वैक्सीन को ‘ग्लोबल गेम चेंजर’ करार देते हुए भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ कृष्णा एल्ला ने कहा था, “हमें इंट्रानेजल वैक्सीन तकनीक और डिलीवरी सिस्टम में ग्लोबल गेम चेंजर iNCOVACC की मंजूरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है।” बता दें कि इसे विकसित करने के लिए भारत सरकार द्वारा कोविड सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से आंशिक रूप से फंड किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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