Saturday, April 13, 2024
Homeदेश-समाजBHU में एक्जीबिशन, प्रोफेसर ने भगवान राम की जगह अपनी और माँ सीता की...

BHU में एक्जीबिशन, प्रोफेसर ने भगवान राम की जगह अपनी और माँ सीता की जगह पत्नी की लगा दी तस्वीर: छात्रों ने की निलंबित करने की माँग

BHU के प्रोफेसर ने श्रीरामचरितमानस जैसे पवित्र धार्मिक ग्रंथ के ऊपर लगी राम दरबार की तस्वीर जिसमें भगवान गणेश समेत कई देवी देवता विराजमान है उसमें राम और सीता जी की जगह खुद की तस्वीरें लगाकर उन्हे प्रदर्शित किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर का विवादित कैलेंडर सामने पर बवाल मच गया है। दृश्य कला संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर अमरेश कुमार ने अपने विभाग की चित्र प्रदर्शनी (Exbition) में भगवान राम की जगह खुद और माँ सीता की जगह अपनी पत्नी की तस्वीर प्रदर्शनी में रखा तो छात्रों और स्टाफ की नजर पड़ते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। छात्रों ने नाराजगी जताते हुए इस प्रदर्शनी में रखी गई तस्वीरों और वीडियो को वायरल कर दिया।

क्या है पूरा मामला

BHU के दृश्य कला संकाय के महामना वीथिका में 5 फरवरी, 2022 से एक महीने के लिए चित्र प्रदर्शनी की शुरुआत हुई है थी। इसमें विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अमरेश कुमार ने कैलेंडर आर्ट के प्रदर्शन में मुकुटधारी भगवान श्रीराम और माँ सीता के एक चित्र में माता सीता की छवि तो काल्पनिक है लेकिन उनके साथ खड़े भगवान राम की मुखाकृति की जगह अपनी फोटो लगाई है। इसमें वह चश्मा लगाए हुए हैं।

इसके अलावा प्रोफेसर ने श्रीरामचरितमानस जैसे पवित्र धार्मिक ग्रंथ के ऊपर लगी राम दरबार की तस्वीर जिसमें भगवान गणेश समेत कई देवी देवता विराजमान है उसमें राम और सीता जी की जगह खुद की तस्वीरें लगाकर उन्हे प्रदर्शित किया। हालाँकि, छात्रों का विरोध शुरू हुआ तो कला दीर्घा से विवादित तस्वीर हटा दी गई है।

छात्रों ने की कार्रवाई की माँग

अब प्रदर्शनी की इन्हीं तस्वीर के सामने आने पर बीएचयू के छात्रों ने आपत्ति दर्ज कराई है। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की घटनाएँ सनातनी परम्परा का अपमान करने वाली है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसे आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए विरोध-प्रदर्शन किया एवं विश्वविद्यालय प्रशासन सहित लंका थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

छात्रों ने दर्ज कराई शिकायत

छात्रों के समूह ने संकाय प्रमुख का घेराव किया और उनसे संबंधित प्रोफेसर को निलंबित करने एवं नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उनके इस्तीफे देने की माँग की। छात्रों का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सुनियोजित व वरदहस्त प्राप्त है। विरोध प्रदर्शन कर रहे ABVP के छात्रों ने आरोप लगाया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में लगातार कुछ समय से सनातन धर्म के आराध्य, मूल प्रतीकों व मान्यताओं व मूल्यों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ रहता है।

घेराव करते BHU के छात्र

वहीं मंगलवार छात्रों के घेराव के कारण संकाय में भारी गहमागहमी बनी रही। संकाय प्रमुख से संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय की ओर कूच कर दिया। कुलपति के अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों की माँग पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित शिक्षक पर एवं संकाय प्रमुख पर विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा उचित विधिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

11 साल पहले भी लगाया था प्रदर्शनी

वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चित्रकार अमरेश कुमार का कहना है कि राम सीता का यह चित्र पहली बार किसी प्रदर्शनी का हिस्सा नहीं बना है। वर्ष 2011 में दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भी यह चित्र प्रदर्शित किया गया था। हमारे शास्त्रों श्रीराम के घट-घटव्यापी होने की बात कही गई है। इस दृष्टि से प्रभु प्रत्येक प्राणी में हैं। जब एक चित्रकार को इसकी अभिव्यक्ति करनी होगी तो उसका प्रदर्शन भी ऐसा ही होगा। विवाह मंडप में भी वर-वधु को सीताराम की जोड़ी के रूप में आशीर्वाद दिया जाता है। मैंने किसी की भावना को आहत करने के उद्देश्य से ऐसा कुछ नहीं किया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शबरी के घर आए राम’: दलित महिला ने ‘टीवी के राम’ अरुण गोविल की उतारी आरती, वाल्मीकि बस्ती में मेरठ के BJP प्रत्याशी का...

भाजपा के मेरठ लोकसभा सीट से उम्मीदवार और अभिनेता अरुण गोविल जब शनिवार को एक दलित के घर पहुँचे तो उनकी आरती उतारी गई।

संदेशखाली में यौन उत्पीड़न और डर का माहौल, अधिकारियों की लापरवाही: मानवाधिकार आयोग की आई रिपोर्ट, TMC सरकार को 8 हफ़्ते का समय

बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी से निष्कासित शेख शाहजहाँ द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में NHRC ने अपनी रिपोर्ट जारी की है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe