पूर्व RJD विधायक सुनील पुष्पम को उम्रकैद की सजा: गर्भवती दलित महिला को बंदूक के कुंदे से मारा था

"मैं निर्दोष हूँ। राजनीतिक साजिश के तहत कहानी बनाकर मामला दर्ज कराया गया, ताकि किसी तरह चुनाव लड़ने से राेका जा सके। इस फैसले के विरोध में हाई कोर्ट में अपील करूँगा।"

बिहार के समस्तीपुर कोर्ट ने पूर्व विधायक और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता सुनील पुष्पम को गर्भवती दलित महिला की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पुष्पम पर ₹25 हजार का जुर्माना भी लगाया है और अगर सुनील पुष्पम ये जुर्माना नहीं भरता है, तो फिर उसे 6 महीने और कैद में रहना होगा। तकरीबन 14 साल पुराने केस में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रणव कुमार झा ने सोमवार (जुलाई 22, 2019) को ये सजा सुनाई। इसके साथ ही पुष्पम के राजनैतिक जीवन पर भी पूर्ण विराम लग गया है।

जानकारी के मुताबिक, बिथान थाना क्षेत्र में छेछनी गाँव की कबूतरी देवी व मंजू देवी 2 अगस्त 2005 को सुबह करीब 8 बजे सिरसिया बाँध होकर बाजार जा रही थीं। इसी दौरान सुनील की गाड़ी वहाँ से गुजर रही थी। गाड़ी आते देख दोनों सड़क किनारे खड़ी हो गईं। उसी समय गाड़ी से 5 आदमी उतरे और तत्कालीन विधायक सुनील कुमार पुष्पम ने अपने हाथ में लिए बंदूक के कुंदे से गर्भवती मंजू देवी के पेट पर मारा। पिटाई से उनकी हालत बिगड़ गई। कबूतरी देवी मंजू को रोसड़ा अस्पताल ले गईं। वहाँ उसकी हालत गंभीर देखकर समस्तीपुर के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहाँ उनका गर्भपात हो गया। फिर परिजन आगे के इलाज के लिए मंजू को बेगूसराय ले गए और बेगूसराय में इलाज के दौरान ही मंजू ने 6 अगस्त, 2005 को दम तोड़ दिया।

जिसके बाद बेगूसराय थानाध्यक्ष ने कबूतरी देवी का बयान दर्ज किया और इस बयान के आधार पर हसनपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। 14 साल तक न्यायालय में मुकदमा चला। जिसमें सभी पक्षों का बयान लेने के बाद कोर्ट ने पूर्व विधायक को हत्या में दोषी पाकर सजा सुनाई। फिलहाल विधायक न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से 8 गवाहों का एवं बचाव पक्ष की ओर से 4 गवाहों का बयान दर्ज किया।

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हत्याकांड की सुनवाई में अभियोजन पक्ष की तरफ से एपीपी गौरी शंकर मिश्रा और बचाव पक्ष की तरफ से वरीय अधिवक्ता परमेश्वरी सिंह ने कोर्ट में बहस किया। हालाँकि, कोर्ट के द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद भी पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम का कहना है कि वो निर्दोष है। उसने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत कहानी बनाकर मामला दर्ज कराया गया था, ताकि किसी तरह उन्हें चुनाव लड़ने से राेका जा सके। पुष्पम ने कहा कि वो अपने वकील से राय लेकर इस फैसले के विरोध में हाई कोर्ट में अपील करेगा।

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संदिग्ध हत्यारे
संदिग्ध हत्यारे कानपुर से सड़क के रास्ते लखनऊ पहुंचे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बरेली में रात बिताई थी। हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के दाहिने हाथ में चोट लगी थी और उसने बरेली में उपचार कराया था।

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