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बंगाल में अपराधी को पकड़ने गई थी बिहार पुलिस, भीड़ ने SHO को घेरा और पीट पीटकर मार डाला

आईजी सुरेश चौधरी ने बताया कि चोरी के एक मामले में पुलिस छापेमारी करने सीमावर्ती पांजीपड़ा गई थी। उन्‍होंने बताया कि भीड़ ने थानाध्यक्ष की घेरकर हत्या कर दी। बंगाल पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल में छापा मारने गए बिहार के किशनगंज थानाध्यक्ष की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को पता चला था कि अपराधियों का कनेक्‍शन सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के क्षेत्र से जुड़ा है।

इसके बाद उन्‍होंने पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाने को सूचना देने के बाद वहाँ छापेमारी शुरू की। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई है। आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सूचना के बावजूद बिहार पुलिस की टीम को कोई सहयोग नहीं किया।

घटना के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी पूर्णिया आईजी सुरेश चौधरी और एसपी कुमार आशुतोष मौके पर पहुँचे। आईजी सुरेश चौधरी ने बताया कि चोरी के एक मामले में पुलिस छापेमारी करने सीमावर्ती पांजीपड़ा (पश्चिम बंगाल) गई थी। उन्‍होंने बताया कि भीड़ द्वारा घेरकर थानाध्यक्ष की हत्या कर दी गई। 

बताया जा रहा है कि किशनगंज के थानेदार की हत्‍या शनिवार (9 अप्रैल 2021) की सुबह करीब 4 बजे की गई थी। छापेमारी करने गई टीम पर भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान बाकी पुलिसकर्मी तो बच निकले, लेकिन अंधेरे में थानाध्यक्ष अश्विनी अपराधियों के हाथ लग गए। अपराधियों ने पीट-पीटकर उनकी हत्‍या कर दी। उनके शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए पश्‍चि‍म बंगाल के ही इस्लामपुर ले जाया गया है।

इस मामले को लेकर भाजपा के पाटलिपुत्र सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार और वहाँ के प्रशासन पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि यह घटना बंगाल में कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है। वहाँ पूरी तरह से गुंडों का राज है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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