Homeदेश-समाजबिहार: हनुमान मंदिर के महंत की गोली मारकर हत्या, मंदिर से 300 मीटर दूर...

बिहार: हनुमान मंदिर के महंत की गोली मारकर हत्या, मंदिर से 300 मीटर दूर शव मिला

पुलिस ने बताया है कि मृतक की पहचान 75 वर्षीय महंत भोला प्रसाद साह के रूप में हुई है। अपराधियों की तलाश की जा रही है।

बिहार के मधेपुरा जिले में हनुमान मंदिर के महंत की हत्या कर दी गई। बुधवार (21 जुलाई 2021) की सुब​ह मंदिर से 300 मीटर दूर उनका शव मिला। बताया जा रहा है कि महंत मंगलवार की रात दो साथियों के साथ कीर्तन में गए थे। वहाँ से लौटने के बाद वे मंदिर में ही सो गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि अपराधी महंत को उठाकर मंदिर से कहीं बाहर ले गए और उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात को उदाकिशुनगंज थाना अंतर्गत बुधमा पुलिस कैंप के सुखासनी हनुमान मंदिर के पास अंजाम दिया गया।

स्थानीय लोगों ने शव देखने के बाद इस घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बताया है कि मृतक की पहचान 75 वर्षीय महंत भोला प्रसाद साह के रूप में हुई है। अपराधियों की तलाश की जा रही है। महंत के बेटे विकास कुमार ने बताया कि सुखासनी हनुमान मंदिर में उनके पिता भोला प्रसाद साह, पुजारी टूना चौधरी और एक सेवानिवृत्त चौकीदार रहते थे। ये सभी मंदिर में ही सोते थे। मंगलवार की रात तीनों मंदिर से एक किमी दूर कीर्तन में गए थे। वहां से तीनों बारी-बारी मंदिर लौटे।

विकास ने बताया है कि उसके पिता (भोला प्रसाद साह) बीमार रहते थे। इस वजह से परिवार के लोग अक्सर रात को भी उन्हें देखने के लिए मंदिर आया करते थे। मंगलवार की रात भी उनका एक भाई रात 9 बजे के आसपास खाना लेकर मंदिर आया है। विकास के अनुसार रात के दो बजे के करीब वह भी मंदिर की तरफ गया था और अपने पिता को सोते हुए पाया।

पुजारी टूना चौधरी का कहना है कि रात को 2 बजे के करीब जब वह मंदिर आया तो उसे बहुत नींद लगी हुई थी, जिसके चलते वह ध्यान नहीं दे पाया कि महंत सो रहे हैं या नहीं। बता दें कि इस घटना के बाद आसपास के इलाके में हडकंप मच गया है। पुलिस घटना को अंजाम देने वालों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस सिलसिले में कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -