Wednesday, April 14, 2021
Home देश-समाज पश्चिम बंगाल: कोरोना संक्रमण के संदेह पर हॉस्पिटल ने बुजुर्ग को भर्ती करने से...

पश्चिम बंगाल: कोरोना संक्रमण के संदेह पर हॉस्पिटल ने बुजुर्ग को भर्ती करने से किया इनकार, हुई मौत

‘‘मेरे ससुर को संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। मुझे नहीं पता कि अपोलो में डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार क्यों किया। उन्होंने उन्हें कोरोना वायरस का संदिग्ध बताया और उन्हें कोरोना वायरस रोगियों का इलाज करने वाले एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया।’’

कोरोना संकट के बीच पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल का एक बेहद ही अमानवीय चेहरा सामने आया है। अस्पताल ने 76 साल के एक बुजुर्ग को एडमिट करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उस रोगी की मृत्यु हो गई। मृतक के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने इस संदेह पर एडमिट करने से इनकार कर दिया कि वह कोरोना से संक्रमित हैं। बुजुर्ग को बुढापे संबंधी कई बीमारियाँ थीं।

मरीज के दामाद मुख्तार आलम ने PTI को बताया कि दरभंगा के रहने वाले शाहिद अहमद याहिया को उनका इलाज करने वाले डॉक्टर की सिफारिश पर अपोलो ग्लेनिगल्स अस्पताल में भर्ती करने के लिए 9 मई को कोलकाता लाया गया था। याहिया पार्किन्सन रोग से पीड़ित थे, जो कोलकाता के एक डॉक्टर के संपर्क में थे।

कोलकाता के रहने वाले मुख्तार आलम ने बताया कि डॉक्टर ने दरभंगा के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती याहिया को बेहतर इलाज के लिए यहाँ लाने के लिए कहा।

मुख्तार आगे बताते हैं, ‘‘प्रशासन से आवश्यक पास लेकर हमलोग आईसीयू एम्बुलेंस में दरभंगा से आए और उन्हें सीधे अपोलो ग्लेनिगल्स अस्पताल ले गए। जहाँ डॉक्टरों ने हमें कुछ घंटों तक इंतजार कराया और फिर उनकी कुछ जाँच की गई, जिस दौरान मेरे ससुर अस्पताल के गलियारे में स्ट्रेचर पर लेटे हुए थे।’’

आलम ने बताया कि कुछ देर बाद एक डॉक्टर ने अचानक से आकर कहा कि उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका है और उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल या किसी अन्य सरकारी अस्पताल में ले जाना चाहिए जो कोरोना वायरस के मामलों का इलाज कर रहा है।

आलम ने कहा, ‘‘मेरे ससुर को संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। मुझे नहीं पता कि अपोलो में डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार क्यों किया। उन्होंने उन्हें कोरोना वायरस का संदिग्ध बताया और उन्हें कोरोना वायरस रोगियों का इलाज करने वाले एक सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया।’’

याहिया के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी हालत बहुत गंभीर थी, लेकिन अपोलो ग्लेनिगल्स अस्पताल के डॉक्टरों ने उस कठिन समय को उनके इलाज के बजाय बहस करने में बर्बाद कर दिया।

हालाँकि, अस्पताल के अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा, “अस्पताल में हर मरीज की कोविड-19 जाँच की जा रही है। और अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध है, तो प्रवेश से पहले एक पुष्टि परीक्षण किया जाता है। लेकिन कोविड-19 वार्ड में कोई बिस्तर नहीं हैं, तो हम अन्य रोगियों के इस खतरनाक वायरस के संपर्क में आने का जोखिम नहीं ले सकते। इसलिए हम कुछ मरीजों को सरकारी अस्पताल में रेफर करते हैं।”

याहिया को फिर ईएम बाईपास से दूसरे निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहाँ भी उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें सरकारी एमआर बांगुर अस्पताल ले जाया गया।

आलम ने कहा, ‘‘उन्हें 9 मई को एमआर बांगुर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था और 11 मई को तड़के करीब 4.15 बजे उनकी मृत्यु हो गई।’’ शाहिद अहमद याहिया को कोविड-19 जाँच में संक्रमित नहीं पाया गया था।

डेथ सर्टिफिकेट में उनकी मौत की वजह कार्डियोरेस्पिरेटरी का फेल होना, स्टेज 3 मधुमेह मेलेटस और क्रोनिक किडनी बीमारी बताया गया था। आलम ने कहा, ‘‘हम न्याय चाहते हैं और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कदम उठाएँगे जिन्होंने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया था।’’

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुंबई में हो क्या रहा है! बिना टेस्ट ₹300 में कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, ₹10000 देकर क्वारंटाइन से मिल जाती है छुट्टी: रिपोर्ट

मिड डे ने मुंबई में कोरोना की आड़ में चल रहे एक और भ्रष्टाचार को उजागर किया है। बिना टेस्ट पैसे लेकर RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराई जा रही है।

कर्फ्यू का ऐलान होते ही महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों की वापसी शुरू: स्टेशनों पर खचाखच भीड़, चलाई जा रही अतिरिक्त ट्रेनें

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात 8 बजे से अगले 15 दिनों तक धारा 144 लागू रहेगी। इसे देखते हुए प्रवासी मजदूर फिर से अपने घरों को लौटने लगे हैं।

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उद्धव को बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

यमुनानगर में माइक से यति नरसिंहानंद को धमकी दे रही थी मुस्लिम भीड़, समर्थन में उतरे हिंदू कार्यकर्ता: भारी पुलिस बल तैनात

हरियाणा के यमुनानगर में यति नरसिंहानंद के मसले पर टकराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe