Homeदेश-समाजतमिलनाडु में मिशनरी विरोधी BJP नेता की हत्या, कार्यकर्ताओं ने धर्मान्तरण गिरोह पर जताया...

तमिलनाडु में मिशनरी विरोधी BJP नेता की हत्या, कार्यकर्ताओं ने धर्मान्तरण गिरोह पर जताया शक

भाजपा नेता ने ईसाई मिशनरियों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ रखा था। वह हिन्दुओं को धर्मान्तरण के ख़िलाफ़ जागरूक कर रहे थे। संदेह जताया जा रहा है कि धर्मान्तरण में लिप्त लोगों ने ही साज़िश के तहत हत्या की है।

तमिलनाडु के सलेम जिला के यरकौड में भाजपा नेता की हत्या कर दी गई। रविवार (सितम्बर 15, 2019) को ए चिनाराज की हत्या की गई। वे यरकौड भाजपा के उपाध्यक्ष थे। हत्या के मामले में पुलिस ने एक 28 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। उसका नाम मणिवन्नन है। आरोपित वी रामकृष्णन का बेटा है और पुलिस ने दावा किया है कि उसने ज़मीन विवाद के कारण भाजपा नेता की हत्या की।

हालाँकि, भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि हत्या की कुछ और ही वजह है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा नेता ने ईसाई मिशनरियों द्वारा कराए जा रहे धर्मान्तरण के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ रखा था। कार्यकर्ताओं का मानना है कि एक साज़िश के तहत धर्मान्तरण में लिप्त लोगों ने ही उनकी हत्या की है। वह हिन्दुओं को धर्मान्तरण के ख़िलाफ़ जागरूक कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने मृत भाजपा नेता को श्रद्धांजलि न देने के लिए स्थानीय भाजपा नेतृत्व से नाराज़गी जताई।

पुलिस की मानें तो रामकृष्णन और उसके कजन भाई चिनराज के बीच ज़मीन विवाद चल रहा था। रामकृष्णन की माँ वेलाईअम्मा यरकौड में 2 एकड़ ज़मीन की मालकिन है। उन्होंने ये ज़मीन चिनाराज की माँ करिअम्मल से 40 वर्ष पूर्व ले लिया था। चिनाराज को जब इसका पता चला तो उसने पुलिस में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आधी ज़मीन चिनाराज को दिए जाने की बात कही। रामकृष्णन को इस सम्बन्ध में सूचित किया गया।

रामकृष्णन का बेटा मणिवन्नन ज़मीन देने को तैयार नहीं था इसीलिए उसने भाजपा नेता चिनाराज के घर में घुस कर उन्हें चाकू से मार डाला। भाजपा नेता की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित मणिवन्नन भाग खड़ा हुआ लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी जब्त कर लिया है। आरोपित को फ़िलहाल 15 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -