NIA का मोस्ट वांटेड आरिफ़ चढ़ा STF के हत्थे

बिहार के बोधगया में 7 जुलाई 2013 को महाबोधी मंदिर परिसर में एक के बाद एक बम विस्फोट हुए थे, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु समेत 5 लोग घायल हो गए थे। सभी विस्फोट उस सुबह 05:30 से 06:00 बजे के बीच किए गए थे।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एसटीएफ ने बिहार के बोधगया ब्लास्ट के मुख्य आरोपी अताउर उर्फ आरिफ़ को गिरफ़्तार किया है। एनआईए के मोस्ट वांटेड अताउर की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। एसटीएफ ने कोलकाता के बाबूगढ़ से उसे गिरफ़्तार करने में सफलता प्राप्त की। ख़बर की मानें तो एसटीएफ ने अताउर के पास से एक मैप भी बरामद किया है, जो कोलकाता का है। इसके अलावा उसके पास से एक चिट्ठी भी बरामद की गई है।

क्या है बोधगया ब्लास्ट?

बिहार के बोधगया में 7 जुलाई 2013 को महाबोधी मंदिर परिसर में एक के बाद एक बम विस्फोट हुए थे, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु समेत 5 लोग घायल हो गए थे। सभी विस्फोट उस सुबह 05:30 से 06:00 बजे के बीच किए गए थे। बता दें कि इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं के ध्यान का समय होता है।

यहाँ मंदिर परिसर के अंदर चार बम विस्फोट किए गए थे। पहला विस्फोट 5:30 बजे हुआ जब मंदिर के शरणस्थान में प्रार्थना चल रही थी। इसके बाद लगभग दो मिनट बाद मंदिर के पूर्वी हिस्से में बम विस्फोट हुआ था। आरोप है कि अताउर ने ही बोधगया में 4 बम प्लांट किए थे।

साथियों को छुड़ाने की कोशिश में था

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बताया जा रहा है कि आरोपित अताउर अपने अन्य साथियों के साथ बोधगया ब्लास्ट के एक अन्य आरोपी कौसर को छुड़ाने की प्लानिंग कर रहा था। आतयुर विस्फोटक सामान और अन्य हथियार के बल पर कौसर को जेल वैन पर हमला करते हुए भगाने का प्लान बना रहा था।

बता दें कि इससे पहले अताउर ने बांग्लादेशी पुलिस की जेल वैन से कौसर को इस तरह सफलतापूर्वक उठा लिया था। अताउर उसी तरह की प्लानिंग के तहत उसे छुड़ाना चाह रहा था, लेकिन एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। फिलहाल अब पुलिस इस मामले में उससे पूछताछ कर रही है।

6 लोगों के ख़िलाफ़ दायर हो चुकी है चार्जशीट

बोधगया ब्लास्ट के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआइए) ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट के तौर पर दूसरी चार्जशीट दायर कर दी थी। एनआइए की ओर से दायर की गई इस चार्जशीट में 6 नामजद आरोपी बनाए गए। इनमें चार पश्चिम बंगाल, एक असम और एक विदेशी नागरिक के रूप में बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद जाहिदूल शेख़ उर्फ़ कौसर का नाम शामिल है।

बता दें कि, इस मामले में एनआइए ने 28 सितंबर, 2018 को पहली चार्जशीट दायर की थी, जिनमें तीन नामजद अभियुक्त बनाए गए थे। नामजद किए गए सभी लोगों पर राष्ट्रद्रोह के अलावा जनमानस को क्षति पहुँचाने, घातक विस्फोटक को पब्लिक प्लेस पर प्लांट करने का आरोप है।


शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

कॉन्ग्रेस

राहुल गाँधी की सुस्त रणनीति से चिंतित मीडिया, ‘इन्वेस्टमेंट’ खतरे में

मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।
आरफा खानम

शब्बीर बरखा को भेजता है अश्लील फोटो, आरफ़ा को ‘होली बिस्मिल्ला’ पर अशरफ़ी कहता है ‘डर्टी लेडी’

एक तरफ बरखा दत्त को अश्लील तस्वीर भेजने वाला शब्बीर है, वहीं दूसरी ओर 'द वायर' की पत्रकार आरफ़ा खानम हैं जिन्होंने होली मुबारक कहते हुए 'बिस्मिल्ला' शब्द लिखा तो 'सच्चे' मुसलमान भड़क उठे।
नीरव मोदी

नीरव मोदी की गिरफ़्तारी से दुःखी और अवसादग्रस्त कॉन्ग्रेस पेट पर मूसल न मार ले

कॉन्ग्रेस की यही समस्या है कि वो इतना नकारा तो चौवालीस सीट पाने के बाद भी नहीं महसूस कर पाया जितना विपक्ष में कि इतने नेताओं के महागठबंधन के बाद भी मोदी को घेरने के लिए उसके पास सिवाय अहंकार और अभिजात्य घमंड के और कुछ भी नहीं है।

स्वामी असीमानंद और कर्नल पुरोहित के बहाने: ‘सैफ्रन टेरर’ की याद में

कल दो घटनाएँ हुईं, और दोनों ही पर मीडिया का एक गिरोह चुप है। अगर यही बात उल्टी हो जाती तो अभी तक चुनावों के मौसम में होली की पूर्व संध्या पर देश को बताया जा रहा होता कि भगवा आतंकवाद कैसे काम करता है। चैनलों पर एनिमेशन और नाट्य रूपांतरण के ज़रिए बताया जाता कि कैसे एक हिन्दू ने ट्रेन में बम रखे और मुसलमानों को अपनी घृणा का शिकार बनाया।
रणजीत सिंह

कोहिनूर धारण करने वाला सिख सम्राट जिसकी होली से लाहौर में आते थे रंगीन तूफ़ान, अंग्रेज भी थे कायल

कहते हैं कि हवा में गुलाल और गुलाबजल का ऐसा सम्मिश्रण घुला होता था कि उस समय रंगीन तूफ़ान आया करते थे। ये सिख सम्राट का ही वैभव था कि उन्होंने सिर्फ़ अंग्रेज अधिकारियों को ही नहीं रंगा बल्कि प्रकृति के हर एक आयाम को भी रंगीन बना देते थे।

मोदी बनाम गडकरी, भाजपा का सीक्रेट ‘ग्रुप 220’, और पत्रकारिता का समुदाय विशेष

ये वही लम्पटों का समूह है जो मोदी को घेरने के लिए एक हाथ पर यह कहता है कि विकास नहीं हुआ है, रोजगार कहाँ हैं, और दूसरे हाथ पर, फिर से मोदी को ही घेरने के लिए ही, यह कहता है कि गडकरी ने सही काम किया है, उसका काम दिखता है।
मस्जिद

न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड की 5 मस्जिदों पर हमला: आतंकवाद-रोधी पुलिस कर रही जाँच

हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
PM Modi मूवी ट्रेलर

PM NARENDRA MODI: जान डाल दिया है विवेक ओबेरॉय ने – दर्द, गुस्सा, प्रेम सब कुछ है ट्रेलर में

विवेक ओबेरॉय के अलावा बोमन इरानी, बरखा बिष्ट, मनोज जोशी, प्रशांत नारायण, राजेंद्र गुप्ता, जरीना वहाब और अंजन श्रीवास्तव मुख्य भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का डायरेक्शन उमंग कुमार ने किया है।
ताशकंद फाइल्स

The Tashkent Files: मीडिया गिरोह वालों… यह प्रोपेगेंडा नहीं, अपने ‘लाल’ का सच जानने का हक है

यह फिल्म तो 'सच जानने का नागरिक अधिकार' है। यह उस महान नेता की बहुत बड़ी सेवा है, जिसकी रहस्यमय मौत की पिछले 53 वर्षों में कभी जाँच नहीं की गई।

‘अश्लील वीडियो बनाकर सेवादारों ने किया था ब्लैकमेल’, पुलिस ने पेश किया 366 पन्नों का चालान

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

24,263फैंसलाइक करें
6,161फॉलोवर्सफॉलो करें
30,697सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें


शेयर करें, मदद करें: