Wednesday, May 25, 2022
Homeदेश-समाजउद्धव ठाकरे के मंत्री नवाब मलिक को राहत देने से हाई कोर्ट का इनकार,...

उद्धव ठाकरे के मंत्री नवाब मलिक को राहत देने से हाई कोर्ट का इनकार, ED ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े मामले में किया था गिरफ्तार

मलिक ने अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में कहा था कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है और उन्हें तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया जाए।

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) को अंतरिम राहत देने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है। मलिक की अंतरिम याचिका खारिज करते हुए जस्टिस पीबी वराले और एसएम मोदक की बेंच ने कहा कि कुछ विवादास्पद मुद्दे को उठाया गया है, जिनको लंबी सुनवाई में सुना जा सकता है। यह अंतरिम याचिका में नहीं हो सकता। लिहाजा याचिका खारिज की जाती है।

मलिक ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है और उन्हें तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया जाए।

23 फरवरी को ईडी ने किया था गिरफ्तार

23 फरवरी 2022 को एनसीपी नेता को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह आर्थर जेल में बंद हैं। उन पर दाऊद इब्राहिम के करीबी से संपत्ति खरीदने का आरोप हैं। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की भी ईडी जाँच कर रही है। ईडी की टीम ने 23 फरवरी की सुबह उनके घर पर छापेमारी की थी और फिर उन्हें अपने साथ ले आई थी। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

ईडी ने कोर्ट में बताया था कि नवाब मलिक ने कथित रूप से मुनिरा प्लंबर से 300 करोड़ रुपए का प्लॉट कुछ लाख रुपए में एक कंपनी के जरिए हड़पा था। इस कंपनी का नाम सॉलिड्स इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड है और कंपनी का मालिक मलिक परिवार है।

ईडी ने आरोप लगाया था कि मलिक यह कंपनी भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर और डी गैंग के अन्य सदस्यों के सहयोग से चलाते हैं। इस संबंध में मुनिरा प्लंबर ने ईडी को दिए बयान में बताया था कि कुर्ला में गोवाला कंपाउंड में उनका 3 एकड़ का प्लॉट था। इस जमीन पर अवैध कब्जे को खाली कराने और विवादों को निपटाने के लिए सलीम पटेल ने उससे 5 लाख रुपए लिए थे, लेकिन उसने यह जमीन थर्ड पार्टी को बेच दी। यही नहीं, 18 जुलाई 2003 को जमीन के मालिकाना हक ट्रांसफर करने से संबंधित कागज पर ही हस्ताक्षर नहीं किया था। उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि सलीम पटेल ने यह जमीन किसी दूसरे को बेच दी है।

वहीं, इस जमीन से जुड़े कागजातों को खँगालने के बाद ईडी को पता चला कि इसके पीछे सरदार शाहवली खान है जो 1993 के मुंबई बम धमाके का आरोपित है। वह टाडा और मकोका के तहत औरंगाबाद की जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। शाहवली खान ने ईडी को बताया था कि सलीम पटेल भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर का करीबी था। हसीना के निर्देश पर ही सलीम ने मुनिरा की जमीन के बारे में सभी फैसले लिए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शिक्षा का गुजरात मॉडल: सूरत के सरकारी स्कूलों में एडमिशन की होड़, लगातार तीसरे साल प्राइवेट स्कूल पीछे

दिल्ली के तथकथित शिक्षा मॉडल का आपने खूब प्रचार सुना होगा। इससे इतर गुजरात के सूरत के सरकारी स्कूलों में एडमिशन के लिए भारी भीड़ दिख रही है।

अब्दुल की दाढ़ी जैसा ही फेक निकला इमरान से पैसे की लूट: 20 मामले जब ‘जय श्रीराम’ के नाम पर फैलाया झूठ

महाराष्ट्र के औरंगाबाद के इमरान खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने जानने वाले लोगों से खुद को पिटवाया और उनसे जय श्रीराम के नारे लगाने को कहा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
188,731FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe