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जिस दरगाह को CM ममता ने दिए ₹2.60 करोड़, उस मौलाना के कार्यकर्ता के घर से मिले बम-बंदूक: ISF का जियारुल फरार

जिस ISF कार्यकर्ता के यहाँ से बम बरामद हुए, उसका नाम जियारुल मोल्लाह है। वो पहले से ही भगोड़ा है। उसके अब्बा जलील मोल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पश्चिम बंगाल के विवादित मौलाना अब्बास सिद्दीकी की पार्टी ‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF)’ के एक कार्यकर्ता के यहाँ से बम मिले हैं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं।

जिस ISF कार्यकर्ता के यहाँ से बम बरामद हुए, उसका नाम जियारुल मोल्लाह है। वो पहले से ही भगोड़ा है। उसके अब्बा जलील मोल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ये घटना साउथ 24 परगना जिले की है। बारिऊपुर के DSP (क्राइम) तमल सरकार ने बताया कि रात को गुप्त सूत्रों से सूचना मिलने के बाद ISF कार्यकर्ता के घर में तलाशी ली गई। उसके घर से एक शॉटगन, कुछ बम और बम बनाने की मशीन भी मिली।

आरोपित की तलाश में दबिश दी जा रही है। बताते चलें कि आदर्श अचार संहित लागू होने से कुछ ही घंटों पहले ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार ने फुरफुरा शरीफ के विकास के लिए 2.60 करोड़ रुपए आवंटित किए।

ये वही दरगाह है, जिसके मुख्य मौलाना अब्बास सिद्दीकी हैं। अब्बास सिद्दीकी वैसे तो मौलाना हैं, लेकिन वो भारतीयों के वायरस से मरने की दुआ माँग चुके हैं। इतना ही नहीं, वो दलितों को हिन्दुओं से अलग भी बताते हैं।

ISF वैसे तो ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ कॉन्ग्रेस-लेफ्ट के गठबंधन के साथ है लेकिन कॉन्ग्रेस का कहना है कि लेफ्ट ने उसे अपने हिस्से की सीटें दी हैं। अब्बास सिद्दीकी भी लेफ्ट उम्मीदवारों को समर्थन की बात कर चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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