Homeदेश-समाज26 जनवरी को राजपथ पर इतिहास में पहली बार दिखेगी बेटियों की ‘बहादुरी’

26 जनवरी को राजपथ पर इतिहास में पहली बार दिखेगी बेटियों की ‘बहादुरी’

एक तरफ शिखा पहली बार बाइक स्टंट करके इतिहास बना रहीं हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय आर्मी सर्विस कॉर्प्स की लेफ़्टिनेंट भावना कस्तूरी भी भारतीय सेना की पहली ऐसी महिला होंगी, जो पहली बार 144 पुरुष सैन्यदल की परेड को लीड करेंगी।

देश 70वाँ गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए तैयार है। राजपथ से इतिहास में पहली बार देश को बेटियों द्वारा किया जाने वाला बाइक स्टंट देखने को मिलेगा। भारतीय सेना सिग्नल कोर डिवीजन में तैनात कैप्टन शिखा 26 जनवरी को भारतीय सेना की महिला टुकड़ी ‘डेयर डेविल्स’ की ओर से चलती हुई बाइक रॉयल एनफील्ड 350 CC पर स्टंट करते हुए तिरंगे को सलामी देंगी।

शिखा इसके लिए पिछले तीन महीने से लगभग आठ घंटे अभ्यास कर रही हैं। सेना में सिग्नल कोर डिवीजन में तैनात शिखा अभी पंजाब के भटिंडा में पोस्टेड हैं। इतिहास गढ़ने के मामले में लेफ़्टिनेंट भावना कस्तूरी भी भारतीय सेना की पहली ऐसी महिला होंगी, जो पहली बार 144 पुरुष सैन्यदल की परेड को लीड करेंगी।

शिखा के पिता शैलेंद्र कुमार सिंह कहते हैं, “वह बचपन से ही साहसी थी और खेलकूद में बहुत रुचि लेती थी।” बता दें कि बीते 15 जनवरी ‘आर्मी डे’ पर भी इतिहास में पहली बार महिला अधिकारी ने परेड का नेतृत्व किया था।

बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं शिखा

शिखा का खेलकूद में अधिक रुचि है, यही कारण है सेना में अधिकारी के पद पर रहते हुए शिखा ने महिला बॉक्सिंग में ऑल इंडिया प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। मार्शल आर्ट, कराटे, बॉक्सिग, पर्वतारोहण और बाइक राइडिंग में भी इनकी पहचान है। सेना की ओर से शिखा दो बार पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट का प्रशिक्षण प्राप्त कर भूटान तक मोटरसाइकिल से यात्रा कर चुकी है।

‘खेल में रुचि होने से मिली आर्मी जॉइन करने की प्रेरणा’

एक इंटरव्यू में कैप्टन शिखा ने बताया, “मैं शुरू से ही एक स्पोर्ट्सपर्सन थी, और बॉक्सिंग करना बास्केटबॉल खेलना मुझे अच्छा लगता था। और खेल में रुचि होने के चलते ही मुझे इंडियन आर्मी जॉइन करने की प्रेरणा मिली।” बता दें कि शिखा ने IT से बीटेक किया हुआ है और उसके बाद इंडियन आर्मी जॉइन करने के लिए उन्होंने जमकर मेहनत की है।

शिखा के पिता शैलेंद्र बताते हैं कि बीटेक में शिखा के अच्छे नंबर के आधार पर यूनिवर्सिटी इंट्री स्कीम के तहत एसएसबी साक्षात्कार के लिए वो चुनी गई थीं। जिसमें पास होने के बाद 2013 में वह आर्मी ऑफिसर बनीं।

भावना कस्तूरी लीड करेंगी पुरुषों के दल को लीड

एक तरफ शिखा पहली बार बाइक स्टंट करके इतिहास बना रहीं हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय आर्मी सर्विस कॉर्प्स की लेफ़्टिनेंट भावना कस्तूरी भी भारतीय सेना की पहली ऐसी महिला होंगी, जो पहली बार 144 पुरुष सैन्यदल की परेड को लीड करेंगी। 26 साल की भावना हैदराबाद की हैं। भावना कहती हैं, “23 साल बाद आर्मी कॉर्प्स के दस्ते को परेड करने का मौक़ा मिला है और वो भी मुझे लीड करना है, ये मेरे लिए बहुत ही गर्व करने वाला पल है।”

प्रैक्टिस के दौरान लेफ़्टिनेंट भावना कस्तूरी
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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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