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‘पीड़िता जब भी कपड़े उतारने से मना करती थी तो चिन्मयानंद उसके कपड़े जबरन फाड़ देता था’

"कई ऐसे पहलू हैं जो पीड़िता के बयान की पुष्टि करते हैं। पीड़िता एक छात्रा थी, ऐसे में उसे बार-बार आश्रम में बुलाया जाना भी सवाल खड़े करता है क्योंकि यह उसके शैक्षणिक कार्यों से कोई संबंध नहीं रखता है।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री और यौन उत्पीड़न के आरोपित चिन्मयानन्द वाले मामले में एक नया खुलासा हुआ है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया है कि पीड़िता चिन्मयानंद के सामने जब भी कपड़े उतारने से मना करती थी तो चिन्मयानंद उसके कपड़े जबरन फाड़ देता था।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान एसआईटी ने बताया कि चिन्मयानंद के आश्रम के सुरक्षा गार्ड सहित 4 लोगों ने इस बात की पुष्टि की है कि छात्रा अक्सर ‘दिव्य धाम’ जाया करती थी। जहाँ पीड़िता के मुताबिक उसका बार-बार बलात्कार हुआ। लड़की का कहना है कि उससे धाम में मालिश करवाई जाती थी और उसका वीडियो शूट होता था।

जिला सत्र न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह की मानें तो शिकायतकर्ता ने कई बार बताया कि चिन्मयानंद ने उसका बलात्कार किया और जब उसने खुद को बचाने का प्रयास किया तो चिन्मयानंद द्वारा उसके कपड़े फाड़ दिए गए।

अनुज सिंह ने कहा, “कई ऐसे पहलू हैं जो पीड़िता के बयान की पुष्टि करते हैं। पीड़िता एक छात्रा थी, ऐसे में उसे बार-बार आश्रम में बुलाया जाना भी सवाल खड़े करता है क्योंकि यह उसके शैक्षणिक कार्यों से कोई संबंध नहीं रखता है।

फाइल फोटो
पुलिस की हिरासत में चिन्मयानंद

बता दें कि मामले में आरोपित और पीड़ित दोनों की जमानत याचिका को शाहजहांपुर की जिला अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया है। दोनों फिलहाल 14 दिन की न्याययिक हिरासत में हैं। जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने जेल में बंद होने के दौरान जेल अधीक्षक के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र सीजेएम की अदालत में भेजा था। जिसमें पीड़िता ने कहा था कि वह खुद उपस्थित होकर अदालत में अपनी बात रखना चाहती है, क्योंकि वह अधिवक्ता है। लेकिन, कोर्ट ने इस अनुरोध को खारिज करते हुए कहा था कि मामले की जाँच विशेष जाँच दल द्वारा की जा रही है और इलाहाबाद हाई कोर्ट खुद इसकी निगरानी कर रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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