Saturday, May 25, 2024
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मुनव्वर फारूखी के खिलाफ दर्ज शिकायत को FIR में बदलने में 3-4 महीने लगेंगे या 1 साल: शिकायतकर्ता ने किया प्रशासन से सवाल

"मैं समझ सकता हूँ इन चीजों में टाइम लगता है। पर, अब करीब 4 हफ्ते बीत चुके हैं। मेरी शिकायत वायरल वीडियोज के आधार पर हैं। जो 3-4 महीने पहले ट्विटर पर ट्रेंड भी हो चुकी हैं। इसलिए ये केस एकतरफा नहीं है या मैं कोई प्रोपगेंडा नहीं फैला रहा। मगर, बावजूद इसके एफ़आईआर होने में समय लग रहा है।"

स्टैंड-अप कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी देवताओं के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी पर पिछले महीने दिल्ली में एक शिकायत दर्ज हुई थी। यह शिकायत पेन ऑफ धर्म के एडमिन शिवम रावत ने की थी। उन्होंने शिकायत में फारूकी की कई ‘आपत्तिजनक’ वायरल वीडियोज का हवाला देकर उसके खिलाफ कार्रवाई की अपील की थी। हालाँकि, ताजा सूचना के अनुसार, इस शिकायत को लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई सुनवाई नहीं है। यहाँ तक कि अभी इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई है।

शिवम रावत बताते हैं कि वह शिकायत कराने के बाद से इस मामले पर एसएचओ से फॉलोअप ले रहे थे। पर कुछ दिन पहले उन्हें बोला गया कि ये मामला बेहद संवेदनशील है। इसलिए इसे डीसीपी देखेंगे।

शिवम के अनुसार, डीसीपी के पास इस केस को पहुँचे करीब 10 दिन हो चुके हैं। आज उनसे कहा गया है कि ऐसे मामलों में समय लगता है। ऑपइंडिया से बात करते हुए वे कहते हैं, “मैं समझ सकता हूँ इन चीजों में टाइम लगता है। पर, अब करीब 4 हफ्ते बीत चुके हैं। मेरी शिकायत वायरल वीडियोज के आधार पर हैं। जो 3-4 महीने पहले ट्विटर पर ट्रेंड भी हो चुकी हैं। इसलिए ये केस एकतरफा नहीं है या मैं कोई प्रोपगेंडा नहीं फैला रहा। मगर, बावजूद इसके एफ़आईआर होने में समय लग रहा है।”

शिवम बताते हैं कि वह जब भी इस केस के बारे में जानना चाहते हैं तो उनसे यही कहा जाता है कि पड़ताल चल रही हैं। उन्हें ये नहीं बताया जा रहा कि प्राथमिकी दर्ज होने में कितना समय लगेगा। उनका सवाल है कि आखिर इसके लिए उन्हें 3-4 महीने तक रुकना है या फिर एक साल तक?

पेन ऑफ धर्म के एडमिन कहते हैं, “मैं मानता हूँ कि FIR होना इतना आसान बात नहीं हैं। लेकिन मुझे इतना भी पता है कि आमतौर पर FIR होने में इतना समय नहीं लगता। क्योंकि इसके बाद ही किसी की शिकायत पर असली जाँच शुरू होती है। उससे पहले शिकायत सिर्फ़ एक जरिया होती है कि केस अब आगे बढ़ेगा।”

यहाँ बता दें कि ऑपइंडिया ने शिवम की शिकायत और सवालों के मद्देनजर किशनगढ़ थाने में संपर्क किया था। लेकिन उन्होंने इस केस में कोई भी जानकारी साझा करने से मना कर दिया। इसके बाद ऑपइंडिया ने क्षेत्र के डीसीपी से बात करने की भी कोशिश की। लेकिन उनसे हमारा संपर्क नहीं हो पाया। शिवम लगातार इस मामले पर एफआईआर की माँग कर रहे हैं, ताकि फारूकी को उसके किए की सजा मिल सके।

उन्होंने 21 अगस्त को अपने ट्विटर पर भी इस संबंध में ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कई पत्रकारों समेत दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, गृहमंत्री अमित शाह एवं डीसीपी को टैग करके एफआईआर की गुहार लगाई थी।

16 अगस्त को हुई थी फारूकी के खिलाफ़ शिकायत दर्ज

गौरतलब है कि 16 अगस्त को दिल्ली के किशनगढ़ थाने में पेन ऑफ धर्म के एडमिन शिवम रावत ने फारूकी के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करवाते हुए फारूकी समेत मुंबई स्थित ‘द हैबीटेट- कॉमेडी एंड म्यूजिक कैफे’ पर भी एफआईआर दर्ज करने की अपील की थी।

उनका कहना था कि कुछ समय पहले जब फारूकी की वीडियोज वायरल होना शुरू हुईं थी, तब कई एक्टिविस्टों ने इस मामले को उठाया था। चारों ओर से आलोचना और निंदा को देखते हुए उस वीडियो से विवादित पार्ट को हटा दिया गया और यूट्यूब पर वीडियो मौजूद रही।

कई शिकायतों के बाद भी जब फारूकी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उसकी हिम्मत और बढ़ गई। नतीजतन ये दोबारा यूट्यूब पर आया और इस बार एक नए अंदाज में उन लोगों का मजाक बनाया जो उसके ख़िलाफ़ थे। उसने इस वीडियो में उन लोगों (मुख्यत: हिंदुओं) को ‘भेड़ों की नस्ल’ बताया। साथ ही कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आगे वो आगे नेटफ्लिक्स पर भी आएगा। लोगों ने उसके ख़िलाफ़ शिकायत करके बस उसे फेमस किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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