Sunday, November 3, 2024
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दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग से किसानों का ‘टट्टी-पेशाब बंद’: खुले में शौच करने को हैं मजबूर

किसानों का कहना है कि अब उन्हें खुले में शौच करना पड़ रहा है। सीमा के उस तरफ टॉयलेट्स की संख्या कम ही है।

‘किसान आंदोलन’ के बीच पुलिस ने दिल्ली सीमाओं की सुरक्षा के तगड़े प्रबंध कर लिए हैं, जिससे हिंसक प्रदर्शनकारियों को फिर से गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के नाम पर की गई हिंसा जैसी वारदातों को दोहराने का मौका न मिले। दिल्ली में सीमा पर स्थित तीन बड़े प्रदर्शन स्थलों के आस-पास बैरिकेडिंग की गई है। अब किसानों का दावा है कि इससे टॉयलेट्स और स्वच्छ पानी तक उनकी पहुँच बंद हो गई है।

दिल्ली की सीमा पर पिछले कुछ दिनों से लगातार बैरिकेडिंग को मजबूत किए जाने का कार्य जारी है। इसके साथ-साथ सीमेंट से बने नए स्लैब्स भी फिट किए जा रहे हैं। कटीले तारों का उपयोग कर के घेरेबंदी की जा रही है। टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर खास तौर पर ये प्रबंध किए गए हैं। प्रदर्शन स्थल से आगे आने वाली सड़कों पर धातु के नुकीले कील भी लगाए गए हैं, ताकि ट्रैक्टर लेकर किसान फिर से दिल्ली में घुस कर उपद्रव न करने पाएँ।

पिछले दो महीनों से सिंघु सीमा सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल बन कर उभरा है। किसानों का कहना है कि बैरिकेडिंग के कारण अब वो 100 से अधिक उन पोर्टेबल टॉयलेट्स तक नहीं पहुँच सकते, जिनका उपयोग वो अब तक करते आए हैं। टॉयलेट्स से कुछ ही दूरी पर दिल्ली पुलिस एक अस्थायी किचेन का निर्माण कर रही है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें खुले में शौच करना पड़ रहा है। सीमा के उस तरफ टॉयलेट्स की संख्या कम ही है।

वहाँ पर एक पेट्रोल पंप भी है, जहाँ एक टॉयलेट है। वहाँ रोज लम्बी लाइन लगी रहती है क्योंकि सैकड़ों लोगों के लिए कोई और व्यवस्था नहीं है – ऐसा दावा किया जा रहा है। सिंघु सीमा पर किसानों ने पानी न मिलने की भी शिकायत की है। दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा को पुलिस ने किसानों तक स्वच्छ पानी पहुँचाने से रोका है। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस ‘ऊपर से ऑर्डर होने’ की बात कह रही है।

कई पत्रकारों का भी कहना है कि अब उन्हें खेतों से होकर प्रदर्शन स्थल पर जाना पड़ रहा है। हालाँकि, कुछ किलोमीटर चलने पर स्थानीय लोग कुछ टॉयलेट्स का उपयोग किसानों को करने दे रहे हैं। टिकरी और सिंघु जहाँ हरियाणा में है, गाजीपुर उत्तर प्रदेश में पड़ता है। किसानों का आरोप है कि पहले सफाई कर्मचारी भी आते थे लेकिन गणतंत्र दिवस के बाद वो भी नहीं आ रहे। बोरवेल और ट्यूबवेल से पानी भरे जा रहे हैं।

बैरिकेडिंग से सम्बंधित सवाल पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने भी कहा है कि वह ये देखकर आश्चर्यचकित हैं कि 26 जनवरी के दिन जब पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़कर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया, उन पर कम सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ बैरिकेडिंग को मजबूत किया है ताकि यह फिर से टूट न जाए, पुलिस पर हमला न हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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