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‘अतीक अहमद के बेटे शेर, दिनदहाड़े ही मारेंगे’: जेल में बंद अली का खुलासा- पूरे परिवार को थी उमेश पाल हत्याकांड की जानकारी, असद को जाने से किया था मना

नैनी जेल में बंद माफिया अतीक के बेटे अली ने पुलिस को बड़ा बयान दिया है। उसने कहा कि उमेश की दिनदहाड़े हत्या से मना किया था पर अब्बा नहीं माने।

प्रयागराज के माफिया डॉन अतीक अहमद के कहने पर ही उमेश पाल को दिनदहाड़े सबके सामने मारा गया। इन शूटरों को लीड कर रहा था अतीक का सबसे छोटा बेटा, जिसे पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अतीक के बेटे अली ने उमेश को दिनदहाड़े मारने से मना किया था, लेकिन अतीक अहमद नहीं माना। उसने कहा कि उसके बेटे शेर हैं और वो उमेश को दिनदहाड़े ही मारेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नैनी जेल में बंद माफिया अतीक के बेटे अली ने पुलिस को बड़ा बयान दिया है। उसने कहा कि उमेश की दिनदहाड़े हत्या से मना किया था पर अब्बा नहीं माने। उन्होंने (अतीक ने) कहा था कि शेर हैं अतीक के बेटे। उमेश को दिनदहाड़े मारेंगे। उमेश को मारने की दो बार पहले भी कोशिश हुई थी, लेकिन शूटर नाकाम रहे।

अपने बयान में अली अहमद ने कहा कि मैंने इस तरीके से दिनदहाड़े उमेश पाल को मारने के लिए मना किया था, पर अब्बा नहीं माने, बोले- अतीक के बेटे शेर हैं, दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देंगे। इसके अलावा अली ने असद को भी शूटरों के साथ भेजने से मना किया था, बाद में अतीक का बेटा असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। अली को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया है।

उसने बताया कि उमेश पाल को मारने की पहले भी दो बार कोशिश हुई थी। अतीक के शूटरों ने एक बार उमेश पाल को धोबी घाट चौराहे पर और दूसरी बार कचहरी रोड पर 84 खंबा के पास घेरकर कत्ल करने की योजना बनाई थी, लेकिन दोनों ही बार प्लान फेल हो गया था। यही वजह थी कि 13 फरवरी को जब नैनी जेल में उससे मिलने गुलाम, गुड्डू मुस्लिम व सदाकत आए तो उसने तीनों को जलील भी किया। कहा, इस बार अगर उमेश को मारने में नाकाम रह गए तो फिर अपनी शक्ल मत दिखाना। जेल के भीतर विवेचक ने दो घंटे से ज्यादा समय तक अली से पूछताछ करके उसका बयान दर्ज किया।

गौरतलब है कि अतीक अहमद के 19 साल के बेटे असद की अगुवाई में हत्यारों के ग्रुप ने 24 फरवरी 2023 को राजू पाल हत्याकांड में गवाह रहे उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। इस दौरान बम भी चलाए गए थे, इसमें अंगरक्षकों की भी मौत हुई थी। इस वारदात के बाद असद फरार हो गया था और यूपी पुलिस ने उसपर 5 लाख का ईनाम घोषित किया था। असद को पुलिस ने झाँसी में मार गिराया था। इसके अगले ही दिन 15 अप्रैल को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज के अस्पताल परिसर में हत्या कर दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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