Sunday, August 1, 2021
Homeदेश-समाजबीफ के लिए गर्भवती गाय की हत्या, बैन के बावजूद तमिलनाडु के इस इलाके...

बीफ के लिए गर्भवती गाय की हत्या, बैन के बावजूद तमिलनाडु के इस इलाके में काटे जाते हैं गाय और बछड़े

"जानवरों की हत्या को लेकर बकायदा गाइडलाइन है। बूचड़खानों को उन नीति निर्देशों का पालन करना होता है। वे एक खास आयु वर्ग के भैंसे और बैल मार सकते हैं। बीफ के लिए गाय और बछड़ों की हत्या पर पाबंदी है फिर भी लोग ऐसा करते हैं।”

तमिलनाडु से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहॉं के एक दंपती ने बीफ के लिए गर्भवती गाय की हत्या कर दी। पुलिस जब तक मौके पर पहुॅंचती वे गोहत्या कर चुके थे।

घटना तमिलनाडु के उथूकोट्टई की है। आरोपित दंपती की पहचान सरला और रघु के तौर पर हुई। तिरुवल्लुवर पुलिस के मुताबिक उन्हें साईं विघ्नेश ऑफ़ ऑलमाइटी एनिमल केयर ट्रस्ट से मामले की जानकारी मिली थी। एक विशेष टीम को मौके पर रवाना किया गया, लेकिन उनके पहुॅंचने से पहले गाय की हत्या कर दी गई थी।

दंपती पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 270, 273 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को जमानत पर बाद में रिहा कर दिया गया। साईं विघ्नेश ने टाइम ऑफ़ इंडिया को बताया कि हाल ही में लगभग 10 से अधिक गायों को तिरुवल्लुवर शहर में बचाया गया था।  

उन्होंने कहा, “जानवरों की हत्या को लेकर बकायदा गाइडलाइन है। बूचड़खानों को उन नीति निर्देशों का पालन करना होता है। वे एक खास आयु वर्ग के भैंसे और बैल मार सकते हैं। बीफ के लिए गाय और बछड़ों की हत्या पर पाबंदी है फिर भी लोग ऐसा करते हैं।” 

इसके पहले भी विघ्नेश ने तिरुवल्लुवर शहर में इस तरह की घटनाओं के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। जनवरी महीने में पुलिस ने 3 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया था जिन पर जानवरों को मार कर उनका मांस बेचने का आरोप लगा था। तीनों आरोपितों पर तमिलनाडु पशु सुरक्षा अधिनियम पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था। 

विघ्नेश एक दिन उथूकोट्टई-तिरुवल्लुवर मार्ग से चेन्नई जा रहे थे तब उन्होंने देखा कि उस इलाके में कई पशुओं का बेरहमी से क़त्ल होता है। विघ्नेश उस इलाके में पशुओं अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए काम करते हैं। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ममता बनर्जी महान महिला’ – CPI(M) के दिवंगत नेता की बेटी ने लिखा लेख, ‘शर्मिंदा’ पार्टी करेगी कार्रवाई

माकपा नेताओं ने कहा ​कि ममता बनर्जी पर अजंता बिस्वास का लेख छपने के बाद से वे लोग बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।

‘मस्जिद के सामने जुलूस निकलेगा, बाजा भी बजेगा’: जानिए कैसे बाल गंगाधर तिलक ने मुस्लिम दंगाइयों को सिखाया था सबक

हिन्दू-मुस्लिम दंगे 19वीं शताब्दी के अंत तक महाराष्ट्र में एकदम आम हो गए थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक इससे कैसे निपटे, आइए बताते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,404FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe