Sunday, April 21, 2024
Homeदेश-समाजPM से विस्फोटक बाँधकर आतंकी क्षेत्र में जाने की माँगी अनुमति

PM से विस्फोटक बाँधकर आतंकी क्षेत्र में जाने की माँगी अनुमति

राजकरण सिंह ने जिस भावना से यह पत्र लिखा उससे साफ़ ज़ाहिर है कि शहीदों के प्रति उनके मन में कितना सम्मान और लगाव है। सरहद पर तैनात देश के जवानों के प्रति उनका यह सम्मान इस बात का भी संकेत है कि भले ही आज ये जवान प्रत्यक्ष रूप से उनके साथ न हों लेकिन अपने बलिदान से वो देशवासियों के दिल में हमेशा जीवित रहेंगे।

पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में जवानों की शहादत देशभर में ग़म और आक्रोश का माहौल है। पाकिस्तान की इस हरक़त का जवाब देश का लगभग हर नागरिक अपने-अपने तरीके से देना चाहता है। कहीं ये ग़ुस्से के रूप में निकलकर सामने आता है तो कहीं जवानों के बलिदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलियाँ देने के रूप में उजागर होता है।

दु:ख भरे इस माहौल में एक ऐसा भी शख़्स सामने आया है जिसने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई है कि उसे आतंकी क्षेत्र में विस्फ़ोटक बाँधकर जाने की अनुमति दी जाए। यह मामला है मध्य प्रदेश का जहाँ मऊगंज के सिविल कोर्ट के कर्मचारी राजकरण सिंह ने शुक्रवार (15 फ़रवरी 2019) को कहा कि वो अपने शरीर पर विस्फोटक सामग्री बाँधकर आतंकी क्षेत्र में जाना चाहते हैं और इसके लिए वे प्रधानमंत्री की अनुमति चाहते हैं।

राजकरण सिंह ने जिस भावना से यह पत्र लिखा उससे साफ़ ज़ाहिर है कि जवानों के प्रति उनके मन में कितना सम्मान और लगाव है। सरहद पर तैनात देश के जवानों के प्रति उनका यह सम्मान इस बात का भी संकेत है कि भले ही आज ये जवान प्रत्यक्ष रूप से उनके साथ न हों लेकिन अपने बलिदान से वो देशवासियों के दिल में हमेशा जीवित रहेंगे।

बता दें कि सिंह ने प्रधानमंत्री के नाम सोशल मीडिया पर लिखे इस पत्र में उन्होंने लिखा कि देश के जवान हर समय देश को सुरक्षित रखने में लगे रहते हैं। इसके लिए वे सरहद पर दिन-रात चौकस रहते हैं। देश के प्रति अपनी इसी वफ़ादारी को निभाते हुए वो अपने प्राणों की आहुति देने से भी नहीं चूकते। हर समय अपनी जान हथेली पर रखने वाले इन साहसिक वीरों को पता भी नहीं होता कि कब इनका जीवन समाप्त हो जाएगा। इसी बात का हवाला देते हुए राजकरण सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि वे अपना जीवन जी चुके हैं, इसलिए अब वो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

देश के लिए कुछ कर गुज़रने वाली इस चाहत से ओत-प्रोत अपने पत्र में सिंह ने इस बात को भी लिखा कि अगर देश की सेवा के लिए उन्हें अपने प्राण भी न्यौछावर करने पड़ें तो उसके लिए भी उन्हें कोई अफ़सोस नहीं होगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कलकत्ता हाई कोर्ट न होता तो ममता बनर्जी के बंगाल में रामनवमी की शोभा यात्रा भी न निकलती: इसी राज्य में ईद पर TMC...

हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक के नाम पर शोभा यात्रा पर रोक लगाना सही नहीं, इसलिए शाम को 6 बजे से इस शोभा यात्रा को निकालने की अनुमति दी जाती है।

‘कई मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर चुका है चंद्रशेखर रावण’: वाल्मीकि समाज की लड़की ने जारी किया ‘भीम आर्मी’ संस्थापक का वीडियो, कहा...

रोहिणी घावरी ने बड़ा आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' अपनी शादी के बारे में छिपा कर कई बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खेल चुके हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe