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महाकुंभ खत्म होते ही प्रयागराज में माहौल बिगाड़ने का प्रयास, हिंदुओं के घरों के बाहर फेंके गए बछड़े के सिर-पैर: पुलिस ने दर्ज की FIR, CCTV से हो रही जाँच

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में संबंधित थाने को जानकारी दी जाती रही है। हालाँकि, गोवंश का सिर और पैर काटकर फेंकने वाले आज तक पकड़े नहीं गए। लोगों ने पुलिस से अविलंब कार्रवाई का आग्रह किया है। बता दें कि पिछले पाँच महीने में यह तीसरी घटना है।

भव्य एवं दिव्य महाकुंभ की वजह विश्व पटल पर आए प्रयागराज में सांप्रदायिक हिंसा की साजिश रचने की शुरुआत हो गई है। हिंदुओं के महान धार्मिक उत्सव महाकुंभ के समापन के 48 घंटे के भीतर ही समुदाय के लिए पवित्र माने जाने वाले गोवंश के अवशेष इधर-उधर फेंके मिले हैं। शहर के दरियाबाद पुलिस चौकी के पास सड़क पर बछड़े का सिर और पैर सड़क एवं नाली में फेंके हुए मिले।

जब आसपास के लोगों ने देखा तो उनमें आक्रोश फैल गया। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुँचकर पुलिस ने लोगों से पूछताछ की और जाँच शुरू कर दी। आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की। दरियाबाद निवासी गोपाल अग्रवाल की शिकायत पर अतरसुइया थाने में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले गोपाल अग्रवाल 27 फरवरी को अपने घर से निकले तो उनके गेट पर बछड़े का कटा सिर रखा हुआ था। इसके बाद उन्होंने देखा तो उनके पड़ोसी अधिवक्ता दीपक कपूर एवं कई लोगों के घरों के सामने कटा पैर था। वहीं, शरीर के अन्य क्षत-विक्षत हिस्से गली में बिखरे पड़े थे। इसकी जानकारी मिलने पर हंगामा हो गया। सूचना पाकर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुँची।

पुलिस ने सूचना देकर पशु चिकित्सकों को बुलवाया। इसके बाद एक टीम आकर जाँच की और गोवंश के अवशेषों को अपने साथ ले गई। थाना प्रभारी संजय द्विवेदी का कहना है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। द्विवेदी का कहना है कि माहौल खराब करने के लिए किसी ने जानबूझकर यह हरकत की है। इस FIR में दो बड़े आरोप लगाए गए हैं।

FIR में कहा गया है कि हिंदुओं के घरों को चिह्नित वहाँ गोवंश के अवशेष जानबूझकर रखे गए। इसमें यह भी कहा गया है कि यह हरकत किसी मुस्लिम समाज के किसी अराजतक तत्व की हो सकती है, क्योंकि जिस इलाके में यह घटना हुई है, वहाँ के बगल में मुस्लिमों की बस्ती है। इस बस्ती में मुस्लिमों की भारी आबादी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में संबंधित थाने को जानकारी दी जाती रही है। हालाँकि, गोवंश का सिर और पैर काटकर फेंकने वाले आज तक पकड़े नहीं गए। लोगों ने पुलिस से अविलंब कार्रवाई का आग्रह किया है। बता दें कि पिछले पाँच महीने में यह तीसरी घटना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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