Thursday, October 1, 2020
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निजामुद्दीन के बाद अब बिहार के मरकज ने उड़ाई राज्य सरकार की नींद, नालंदा में जुटे थे 640 जमाती

दिल्ली निजामुद्दीन के बाद अब बिहार में हुए तबलीगी जमात के सम्मेलन ने अचानक से राज्य सरकार की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं। 14 और 15 मार्च को नालंदा जिले के बिहारशरीफ के शेखना मस्जिद में हुए एक जमात में तकरीबन 640 लोगों ने हिस्सा लिया था। इस सूचना के आने के बाद नालंदा और दरभंगा जिला प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए हैं।

दिल्ली निजामुद्दीन स्थित मरकज से निकले जमाती अभी तक केन्द्र से लेकर राज्य सरकारों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इतना ही नहीं देश में अचानक से बढ़ी कोरोना मरीजों की संख्या के पीछे जमातियों का विशेष हाथ रहा है। इसी बीच बिहार से आई एक और खबर ने सरकार की टेंशन को बढ़ा दिया है। दरअसल, बिहार नालन्दा के शेखना मस्जिद में पिछले महीने तबलीगी मरकज का एक सम्मेलन हुआ था, जिसमें करीब 640 लोगों ने हिस्सा लिया था।

दिल्ली निजामुद्दीन के बाद अब बिहार में हुए तबलीगी जमात के सम्मेलन ने अचानक से राज्य सरकार की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं। जानकारी के मुताबिक 14 और 15 मार्च को नालंदा जिले के बिहारशरीफ के शेखना मस्जिद में हुए एक जमात में तकरीबन 640 लोगों ने हिस्सा लिया था। इस सूचना के आने के बाद नालंदा और दरभंगा जिला प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए हैं।

मामले की जानकारी देते हुए दरभंगा के एसएसपी बाबू राम ने कहा कि जमात में शामिल दूसरे जिले के लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके संबंध में पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। साथ ही सभी को मेडिकल सुरक्षा में रखा गया है। यानि कि जमात में शामिल कुछ लोगों को डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड और कुछ को घर में क्वारंटाइन किया गया है।

जिला प्रशासन के साथ प्रदेश सरकार के लिए राहत की बात यह है कि दरभंगा के जो 12 लोग नालंदा मरकज में शामिल हुए थे, उन सभी को दरभंगा पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। साथ ही अब जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सभी के सैंपल लेकर ऐसे लोगों की तलाश में जुट गया है। जो कहीं न कहीं इन लोगों के संपर्क में आए। वहीं प्रशासन को चिंता है कि अगर इनमें से कुछ लोग कोरोना पॉजीटिव पाए जाते हैं तो यह चेन लंबी भी हो सकती है।

न्यूज 18 हिंदी की खबर के मुताबिक नालंदा समाहरणालय बिहारशरीफ जिला गोपनीय शाखा से 12 अप्रैल को एक पत्र प्रधान सचिव आपदा प्रबंधक विभाग को जारी किया गया था। पत्र के माध्यम से बताया गया था कि बिहार शरीफ स्थित शेखना मस्जिद में 14 से 15 मार्च तक तबलीगी मरकज का एक सम्मेलन हुआ था, जिसमें बिहार के करीब 640 लोगों ने हिस्सा लिया था। इसमें 13 व्यक्ति नालंदा जिले से, जबकि शेष सभी बिहार के अन्य जिलों के शामिल हुए थे।

वहीं आपदा प्रबंधन को भेजे गए पत्र में यह भी चिंता जताई गई थी कि कुछ व्यक्ति इसमें झारखंड के भी हो सकते हैं। दरअसल, नालंदा मरकज में हिस्सा लेने वाले नवादा जिले के एक व्यक्ति के संपर्क में आने वाला एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। गौरतलब है कि बिहार में तेजी से कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। इसी के साथ बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 70 हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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