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ताहिर हुसैन पर ED ने भी कसा शिकंजा, साथी इरशाद, आबिद और शादाब भी दबोचे गए

इससे पहले ताहिर हुसैन की सहायता करने वाले पिता-पुत्र रियासत अली और लियाकत को गिरफ्तार किया गया था। उसका भाई शाह आलम भी हिरासत में है। बताया जा रहा है कि आईबी के अंकित शर्मा की हत्या के वक्त आलम भी मौके पर मौजूद था।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के मुख्य संदिग्ध ताहिर हुसैन पर शिकंजा कसता जा रहा है। चाँदबाग में हिंसा भड़काने एवं आईबी के अंकित शर्मा की हत्या के आरोपित आप के निलंबित पार्षद ताहिर पर अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज किया है। कट्टरपंथी संगठन PFI से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

ताहिर हुसैन से जुड़े मामले में जाँच के लिए क्राइम ब्रांच ने मुस्तफाबाद के तीन युवकों को भी पकड़ा है। इनकी पहचान इरशाद, आबिद और शादाब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है ये तीनों 24 फरवरी को ताहिर हुसैन के साथ थे। तीनों उसके बेहद करीबी बताए जाते हैं।

यहाँ बता दें कि 24-25 फरवरी को हुई हिंसा में पुलिस ने ताहिर पर कुल चार मामले दर्ज किए हैं। इनमें एक मामला आईबी IB के कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या का भी है। अंकित के पिता की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। वहीं, कुछ मामले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी ताहिर हुसैन पर मामले दर्ज किए गए हैं।

ताहिर हुसैन के साथ-साथ उसके भाई शाह आलम को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। दरअसल, आलम पर भी अंकित शर्मा की हत्या में शामिल होने का आरोप है। कहा जा रहा है कि जिस समय उनकी हत्या हुई उस समय शाह आलम वहीं मौजूद था। रविवार को ताहिर हुसैन की सहायता करने वाले पिता-पुत्र रियासत अली और लियाकत को भी कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद रियासत अली को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था और उसके पिता लियाकत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 53 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 100 से अधिक घायलों को इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। हिंसा मामले में पुलिस अब तक 1000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है और बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस पूरे मामले में दंगाइयों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए कर रही है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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