Monday, March 31, 2025
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दिल्ली के रघुबीर नगर में हुए गैंगवार में एक शख्स की हत्या, कई घायल, वीडियो वायरल

इमरान हैदर नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने पहले इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी। देश में सिख और मुस्लिम जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के असुरक्षित होने का दावा किया।

देश की राजधानी दिल्ली से गैंगवार की घटना सामने आई है। सोमवार (1 नवंबर 2021) को दो समूहों के बीच हुए गैंगवार में एक की मौत हो गई और कई घायल हो गए। घटना पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके के रघुबीर नगर में रात के वक्त हुई।

बुधवार (3 नवंबर 2021) को अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, “ख्याला में कथित गैंगवार की चौंकाने वाली तस्वीरें! ग्रंथी जरनैल सिंह जी के पुत्र को बेरहमी से पीटा गया और मार डाला गया।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने सख्त कार्रवाई करने के लिए डीसीपी दिल्ली से बात की। उन्होंने मुझे बताया कि हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले में धारा 302 के तहत कार्रवाई की जाएगी।” सिरसा ने एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें दो लोगों को ग्रंथी के बेटे को डंडों से पीटते हुए देखा जा सकता है।

पीड़ित की पहचान जसकरन के तौर पर हुई है, जो एक आपराधिक मामले में शामिल था। वहीं उसे पीटने वाले दो आरोपितों के नाम रमेश और सादिक (उर्फ अज्जू) हैं। सोमवार (1 नवंबर) की रात करीब 9:13 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को रघुबीर नगर में फायरिंग और गैंगवार की जानकारी मिली थी। मामले की शुरुआती जाँच में पुलिस को पता चला है कि जसकरन, हीरा एवं फिरोज के गैंग और फतेह, सचिन मनचंदा (बंटी) के गिरोह के बीच हाथापाई हुई थी। तीनों ने बंटी पर फायरिंग की, जिससे उसकी जाँघ में गोली लग गई थी।

वहीं, फतेह के पेट में भी गोली लगी थी। हालाँकि, फतेह और बंटी के बाकी साथी जसकरन के गिरोह पर काबू पाने में कामयाब रहे। फिरोज के पेट में गोली लगी, जबकि जसकरन को सादिक और रमेश ने जमकर पीटा। बाद में ग्रंथी के बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ मंगलवार (2 नवंबर) को उसकी मौत हो गई। वहीं, हीरा घटना के बाद से फरार है, जबकि फिरोज का इलाज चल रहा है। गैंगवार वाली जगह से पुलिस को तमंचा व कारतूस मिला है।

गौरतलब है कि इमरान हैदर नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने पहले इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी। देश में सिख और मुस्लिम जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के असुरक्षित होने का दावा किया। हैदर ने ट्वीट किया, “अल्पसंख्यकों का जीना दुश्वार है, यह मुसलमानों और सिखों पर फिर वार है, आवाज उठाओ। यह अत्याचार है।” इसके बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “बेहतर होगा कि इसमें आप साम्प्रदायिक तत्व न लाएँ। ध्यान दें कि जिसने इस आदमी पर हमला किया उसका नाम अतीक है और वह एक मुस्लिम है!”

ख्याला क्षेत्र में अराजकता व हिंसा

नई दिल्ली में ख्याला वही जगह है, जिसका संबंध हिंदू व्यक्ति अंकित सक्सेना के हाईप्रोफाइल मर्डर केस से है। यहीं पर एक मुस्लिम युवती से प्यार करने के कारण अंकित सक्सेना की लड़की के परिवारवालों ने हत्या कर दी थी। उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी 2018 को अंकित की प्रेमिका शहजादी के परिवार वालों ने चाकू से उसका सिर काट दिया था।

चश्मदीदों ने बताया था कि शहजादी की माँ ने हेलमेट पहना था और वह अपना स्कूटर लेकर ट्रैफिक चौराहे पर ले गई। उसे पता था कि अंकित वहाँ पहले से ही मौजूद है। वहाँ पहुँचते ही उसने अपने स्कूटर से अंकित की गाड़ी को टक्कर मार दी, ताकि अंकित उसकी मदद करने के लिए मजबूर हो जाए। हेलमेट पहने होने के कारण अंकित उसे पहचान नहीं पाया और मदद के लिए आगे बढ़ा।

इसके बाद महिला और अंकित का आमना-सामना हुआ। इस बीच महिला का परिवार भी वहाँ पहुँच गया। उन लोगों ने अंकित को गाली देते हुए आरोप लगाया कि उसने शहजादी को घर से भागने के लिए कहा था। इसी दौरान जैसे ही अंकित उसकी माँ को उठाने के लिए झुका तो लड़की के चाचा और भाई ने उसके बाल पकड़कर उसे खींच लिया। उन दोनों ने पीछे से अंकित का हाथ जकड़ लिया और लड़की के पिता ने अपने कसाई चाकू से उसका गला काट दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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