Homeदेश-समाज'दिल्ली सच में विश्व की रेप कैपिटल है, भगवान हमारी मदद करें'

‘दिल्ली सच में विश्व की रेप कैपिटल है, भगवान हमारी मदद करें’

पश्चिमी दिल्ली के नारायणा क्षेत्र में 35 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा 5 साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपित व्यक्ति ने एक सर्वजनिक शौचालय में कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंज़ाम दिया है।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते अपराध पर लगाम लगा पाने में केजरीवाल की आप सरकार फेल होती नज़र आ रही है। पश्चिमी दिल्ली के नारायणा क्षेत्र में 35 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा 5 साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपित व्यक्ति ने एक सर्वजनिक शौचालय में कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंज़ाम दिया है।

ख़बर की मानें तो घटना 6 फरवरी की है, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को सोमवार को हुई। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज के अनुसार पीड़िता को मेडिकल चेक-अप के लिए भेज दिया गया है और फ़िलहाल उसकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि आरोपी (सुलभ शौचायल का सफाईकर्मी) को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

‘रेप कैपिटल में भगवान करे हमारी मदद’

मामले के प्रकाश में आने के बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने ट्विटर पर इस घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, ‘‘अब नारायणा में पाँच साल की बच्ची के साथ 40 साल के व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। बच्ची ने काफ़ी तकलीफ़ झेली और उसके शरीर से काफी रक्तस्राव हुआ है। मैं बच्ची को देखने अस्पताल जा रही हूँ। दिल्ली सच में विश्व की ‘रेप कैपिटल’ है। भगवान हमारी मदद करें।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -