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पकड़ा गया जहाँगीरपुरी में हिंदुओं की शोभा यात्रा पर गोली चलाने वाला फरीद: बंगाल में मौसी के घर छिपा था, पहले से भी दर्ज हैं कई मामले

इससे पहले पुलिस ने जाफर और बाबुद्दीन को गिरफ्तार किया था। जाफर भीड़ में हथियारों के साथ दिखा था, जबकि बाबुद्दीन शोभा यात्रा में शामिल लोगों पर हमले के लिए उकसा रहा था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पश्चिम बंगाल से फरीद को पकड़ा है। वह जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा पर हुए हमले के मामले में आरोपित है। उस पर हिंदू जुलूस पर पहली फायरिंग का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी 28 अप्रैल 2022 (गुरुवार) को हुई। उस पर पहले से भी चोरी, डकैती जैसे कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को 34 साल के फरीद की लोकेशन पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदनीपुर जिले के तामलुक में मिली थी। यहीं से उसे पकड़ा गया। तामलुक के पुलिस अधिकार अरुप सरकार ने बताया कि उसने अपनी मौसी के घर पनाह ले रखी थी। उनके अनुसार फरीद का परिवार अब बंगाल में नहीं रहता। वह मूल रूप महिसदल इलाके से ताल्लुक रखता है। 34 साल पहले यहॉं से जाकर उसका परिवार दिल्ली में बस गया था।

दिल्ली पुलिस उसे आज शुक्रवार (29 अप्रैल 2022) कोर्ट में पेश करेगी। जहाँगीरपुरी हिंसा के कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे। फरीद इनमें दिखा। CCTV फुटेज की जाँच के बाद पुलिस ने भी उसे गोली चलाते पाया था। पुलिस उसे दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक मान रही है। उस पर लोगों को पत्थरबाजी के लिए भड़काने का भी आरोप है। हिंसा के बाद वह अपने घर से भाग गया था। तब से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही थीं। जानकारी के मुताबिक फरीद साल 2010 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। पुलिस रिकॉर्ड में वह जहाँगीरपुरी क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले बुधवार (27 अप्रैल 2022) को पुलिस ने हनुमान जयंती शोभायात्रा पर हमले के आरोप में जाफर और बाबुद्दीन को गिरफ्तार किया था। जाफर भीड़ में हथियारों के साथ दिखा था, जबकि बाबुद्दीन शोभा यात्रा में शामिल लोगों पर हमले के लिए उकसा रहा था। दोनों आरोपित जहांगीरपुरी के निवासी हैं और मुख्य आरोपित अंसार के नजदीकी बताए जा रहे हैं।। इन पर हिंसा के ही दिन 16 अप्रैल को केस दर्ज हुआ था।

16 अप्रैल 2022 को हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर हिंदुओं ने शोभा यात्रा निकाली थी। इस पर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हमला कर दिया था। शोभा यात्रा पर पथराव किया गया। काँच की बोतलों से हमला किया गया था। हिंसा में कई लोग बुरी तरह घायल हुए थे। दंगाइयों द्वारा चलाई गई गोली में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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