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दिल्ली के स्टेडियम में कुत्ता घुमाने वाले IAS का लद्दाख ट्रांसफर, अफसर पत्नी भेजी गईं अरुणाचल: नेटिजन्स बोले- कुत्ता कहाँ जाएगा

आईएएस दंपती का तबादला उन खबरों के सामने आने के बाद किया गया है जिनमें कहा गया था कि खिरवार त्यागराज स्टेडियम में शाम के समय अपने कुत्ते के साथ वॉक पर जाते हैं। इस दौरान खिलाड़ियों और कोच को स्टेडियम छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कुत्ते के साथ वॉक करने वाले आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार (Sanjeev Khirwar) का लद्दाख ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी IAS पत्नी रिंकू दुग्गा (Rinku Dugga) का तबादला अरुणाचल प्रदेश किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एजीएमयूटी कैडर के दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर किए जाने के बाद नेटिजन्स पूछ रहे हैं कि कुत्ते का क्या होगा। वह कहाँ जाएगा।

आईएएस दंपती का तबादला उन खबरों के सामने आने के बाद किया गया है जिनमें कहा गया था कि खिरवार त्यागराज स्टेडियम में शाम के समय अपने कुत्ते के साथ वॉक पर जाते हैं। इस दौरान खिलाड़ियों और कोच को स्टेडियम छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। तबादले से पहले तक खिरवार दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) थे।

ट्रांसफर ऑर्डर के बाद कुछ यूजर्स गृह मंत्रालय की कार्रवाई से खुश हैं और आदेश की सराहना कर रहे हैं।

ट्विटर पर नावीद नाम के एक यूजर मीम के जवाब में कहते हैं, “पति-पत्नी कहीं भी रहे, कुत्ता तो दिल्ली में ही रहेगा।” इस पर एक अन्य यूजर कहता है, “कुत्ता एक दिन पत्नी के पास रहेगा, एक दिन पति के पास।”

जानिए क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि त्यागराज स्टेडियम दिल्ली सरकार के अधीन आता है। 2010 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान यह स्टेडियम बना था। यहाँ राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय एथलीटों के साथ ही फुटबॉल खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। लेकिन, गुरुवार (25 मई 2022) को मीडिया में यह खबर सामने आई थी कि पिछले कुछ समय से एथलीट और कोच परेशान हैं। इंडियन एक्सप्रेस को एक कोच ने बताया था, “हम पहले यहाँ 8-8:30 बजे तक ट्रेनिंग कराते थे। लेकिन अब हमें शाम के 7 बजते ही स्टेडियम छोड़ने के लिए कहा जाता है ताकि अधिकारी अपने कुत्ते को टहला सकें। इस वजह से हमारी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस पर असर पड़ रहा है।”

वहीं, 1994 बैच के आईएएस अधिकारी खिरवार ने इन आरोपों को सरासर गलत बताया था। उन्होंने ये माना था कि वह ‘कभी-कभी’ अपने पालतू कुत्ते को स्टेडियम में टहलाने के लिए ले जाते हैं। लेकिन इस बात से इनकार किया था कि इससे एथलीटों के प्रैक्टिस पर कोई असर पड़ता है।

इसके उलट कोच और एथलीटों का दावा था ,“पहले, हमने रात 8:30 बजे तक और कभी-कभी रात 9 बजे तक भी यहाँ ट्रेनिंग की। लेकिन अब हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” कई एथलीटों ने बताया कि उन्होंने अपनी ट्रेनिंग भारतीय खेल प्राधिकरण के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN) में ट्रांसफर कर ली है। वहाँ शाम 7:30 बजे के बाद फ्लडलाइट्स चालू हो जाती है।

बता दें कि मामला के तूल पकड़ने के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि सरकार ने खिलाड़ियों को रात के 10 बजे तक सुविधाएँ मुहैया कराने के निर्देश सभी स्पोर्ट्स सेंटर्स को दिए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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