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न रहेगी अग्निपथ न मिलेगा अग्निवीरों को आरक्षण: अखिलेश यादव का इरादा साफ, ऐलान कर बोले- सत्ता में आते ही ये योजना 24 घंटे में रद्द करेंगे

अखिलेश यादव ने कहा, "सत्ता में आते ही 24 घंटे में रद्द होगी, देश के सुरक्षा से समझौता करनेवाली और सैनिकों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाली अल्पकालिक ‘अग्निवीर’ सैन्य भर्ती। ‘अग्निवीर’ पर यही माँग हमारी। पुरानी भर्ती की फिर हो बहाली।"

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अग्निवीरों को प्रदेश पुलिस में आरक्षण देने के ऐलान के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि अगर वो सत्ता में आए तो अग्निपथ योजना को खत्म कर देंगे।

अपने ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा, “सत्ता में आते ही 24 घंटे में रद्द होगी, देश के सुरक्षा से समझौता करनेवाली और सैनिकों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाली अल्पकालिक ‘अग्निवीर’ सैन्य भर्ती। ‘अग्निवीर’ पर यही माँग हमारी। पुरानी भर्ती की फिर हो बहाली।”

उन्होंने अवधेश सिंह की वीडियो को शेयर करते हुए ये ऐलान किया। वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिखाई दे रहे हैं कि पीएम मोदी कहते हैं कि अग्रिवीर को लेकर विपक्ष गुमराह कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि शुरुआत उन्होंने की है। इतना दिन बीत गया था कि किसी ने केवल 4 साल के लिए व्यवस्था नहीं की थी। उन्होंने ही की।

अवधेश सिंह आगे बोले अग्निवीर योजना से युवाओं का मनोबल गिरा है। उनके मन में सवाल हैं चार साल बाद वो क्या करेगा। उनकी इनकाम का सोर्स क्या होगा। इस वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिख रहे हैं कि सरकार आने के 24 घंटे के भीतर वो अग्निवीर योजना को वापस लेंगे। सुई की घड़ी इधर-उधर हो सकती है, उनकी बात नहीं।

बता दें कि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी कारगिल पहुँचे थे। वहाँ उन्होंने कारगिल के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद यूपी के सीएम ने ऐलान किया कि सेवानिवृत्त अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी बल (प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी) में महत्व (वेटेज) दिया जाएगा। मालूम हो कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात सरकार ने सेना के अग्निवीरों को राज्य पुलिस की भर्ती में आरक्षण देने की घोषणा की है। वहीं उत्तराखंड और हरियाणा में पहले रिजर्वेशन का ऐलान हो चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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