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‘आदर्श स्टेशन योजना’ के तहत 1,206 स्टेशन हुए आधुनिक, जल्द हासिल होगा 1,253 का लक्ष्य: अश्विनी वैष्णव

आदर्श योजना के तहत व्यस्त स्टेशनों में यात्री सुविधाएँ जैसे शौचालय, पेयजल, प्रतीक्षालय, बेंच, सभी में सुधार हुआ है। नागालैंड और त्रिपुरा राज्यों में एक-एक स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि गोवा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में दो-दो स्टेशन को विकसित किया जाएगा।

आदर्श स्टेशन योजना के तहत विकास के लिए चिन्हित किए गए 1253 रेलवे स्टेशनों में से 1206 रेलवे स्टेशनों का विकास किया जा चुका है और शेष स्टेशनों का वित्तीय वर्ष 2021-22 में विकास कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (30 जुलाई, 2021) को राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में दिया। 

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में आदर्श स्टेशन योजना के तहत 1,253 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसकी लागत 2,800 करोड़ आएगी। फंड को जोन के हिसाब से वितरित किया गया है। मध्य रेलवे के लिए धनराशि का आवंटन 230.58 करोड़ है जबकि पूर्वी रेलवे के लिए 178.71 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

आदर्श योजना के तहत व्यस्त स्टेशनों में यात्री सुविधाएँ जैसे शौचालय, पेयजल, प्रतीक्षालय, बेंच, सभी में सुधार हुआ है। नागालैंड और त्रिपुरा राज्यों में एक-एक स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि गोवा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में दो-दो स्टेशन को विकसित किया जाएगा। दिल्ली में चार स्टेशनों, जम्मू-कश्मीर में पाँच और उत्तराखंड में आठ स्टेशनों का चयन किया गया है।

पश्चिम बंगाल में 384 स्टेशन, जबकि उत्तर प्रदेश में 152, महाराष्ट्र में 108, केरल में 75, बिहार में 59, ओडिशा में 47, आंध्र प्रदेश में 46, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में 44 और राजस्थान में 40 स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। 2021-22 के लिए उत्तर रेलवे को सबसे ज्यादा 291 करोड़ रुपए का आवंटन मिला। मध्य रेलवे के लिए 230 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जबकि पूर्वी रेलवे के लिए 178 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के मौके पर भारतीय रेलवे ने देश के इतिहास में हुई महिला वीरांगनाओं और शासकों की गाथाओं को जनता तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया था। पहली बार उनके नाम रेलवे के इंजनों पर अंकित किए गए। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, इंदौर की रानी अहिल्याबाई और रामगढ़ की रानी अवंतीबाई इनमें प्रमुख थी। ऐसे ही दक्षिण भारत में कित्तूर की रानी चिन्नम्मा, शिवगंगा की रानी वेलु नचियार को सम्मान दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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