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जो जाली दस्तावेजों पर बन गई IAS, जिसके फ्रॉड को UPSC ने भी माना, उस पूजा खेडकर की गिरफ्तारी पर रोक हाई कोर्ट ने फिर बढ़ाई: 5 बार मिल चुकी है राहत

पूजा खेडकर पर सिविल सेवा में ओबीसी एवं दिव्यांगलता कोटा का अनुचित ढंग से लाभ लेने का आरोप है। दिल्ली पुलिस हाई कोर्ट को बता चुकी है कि पूजा खेडकर की तरफ से जमा कराए गए 2 विकलांगता के प्रमाण पत्र फर्जी होने का शक है।

पुणे की बर्खास्त ट्रेनी आईएस पूजा खेडकर को दिल्ली हाईकोर्ट से लगातार पाँचवी बार राहत मिली है। जानकारी के मुताबिक जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने पूजा के वकील के अनुरोध के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी। अब मामले की सुनवाई 4 अक्टूबर को होनी है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में खेडकर के वकीलों ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखने के लिए समय माँगा था। इसी कारण से पूजा खेडकर को गिरफ्तारी में मिली छूट को जारी रखा गया।

पाँच बार मिली राहत

पूजा खेडकर पर सिविल सेवा में ओबीसी एवं दिव्यांगता कोटा का अनुचित ढंग से लाभ लेने का आरोप है। दिल्ली पुलिस हाई कोर्ट को बता चुकी है कि पूजा खेडकर की तरफ से जमा कराए गए 2 विकलांगता के प्रमाण पत्र फर्जी होने का शक है। इसके अलावा यूपीएससी ने भी पूजा खेडकर के खिलाफ झूठे दस्तावेज दाखिल करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की थी।

हालाँकि मामले की जाँच और सवालों के जवाब दाखिल करने और उन्हें पढ़ने के क्रम में खेडकर को अदालत से राहत मिलती गई। कोर्ट से उन्हें सबसे पहले राहत 12 अगस्त को मिली थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पूजा खेडकर को 21 अगस्त तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। साथ ही दिल्ली पुलिस और यूपीएससी से जवाब माँगा कि पूजा खेडकर की हिरासत क्यों जरूरी है।

इसके बाद 21 अगस्त को फिर सुनवाई हुई। यूपीएससी ने अपील की कि पूजा को राहत न दी जाए, लेकिन सुनवाई के बाद फिर अदालत ने पूजा को गिरफ्तारी से राहत दी और अगली सुनवाई की तारीख 29 अगस्त रखी गई। इसके बाद 6 सितंबर से 25 सितंबर पूजा को चौथी बाहर राहत मिली और फिर आज 26 सितंबर को मामला अगली सुनवाई तक के लिए टाल दिया गया। वहीं पूजा को मिली छूट जारी रखी गई।

पूजा खेडकर का मामला

बता दें कि पूजा खेडकर का मामला इस वर्ष जुलाई में प्रकाश में आया था। पुणे कलेक्टर ने पूजा की माँगों से तंग आकर उनके व्यवहार की रिपोर्ट एडिशनल चीफ सेक्रेट्री को भेजी थी। 8 जुलाई पूजा खेडकर का ट्रांसफर वाशिम भेजा गया। 11 जुलाई को केंद्र सरकार ने पूजा पर लगे आरोपों की जाँच के लिए कमेटी बनाई। 16 जुलाई को वाशिम में चल रही उनकी ट्रेनिंग रोक दी गई। 23 जुलाई तक मसूरी स्थित LBSNAA में रिपोर्ट करने को कहा गया।

धीरे-धीरे पूजा खेडकर के माता-पिता से जुड़ी खबरें सामने आने लगीं। 18 जुलाई को पूजा की माँ गिरफ्तार हुई। 19 जुलाई को पूजा के खिलाफ यूपीएससी ने एफआईआर दर्ज कराई। 31 जुलाई को पूजा के खिलाफ पटियाला हाउस में अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई। 1 अगस्त को कोर्ट ने याचिका खारिज की। 5 अगस्त को पूर्व ट्रेनी आईएस दिल्ली हाईकोर्ट पहुँची और उसके बाद से ये मामला वहाँ सुना जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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